ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता पर अनिश्चितता

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता को लेकर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि वार्ता नहीं होगी, लेकिन अब सर्वोच्च नेता ने वार्ता टीम को इस्लामाबाद जाने की अनुमति दी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति भी वार्ता के लिए रवाना होने वाले हैं। जानें इस स्थिति का क्या असर होगा और आगे क्या हो सकता है।
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ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता की स्थिति


ईरान और अमेरिका के बीच दूसरी शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली इस वार्ता में ईरानी प्रतिनिधियों की भागीदारी को लेकर कई विरोधाभासी रिपोर्टें सामने आई हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक दिन पहले पुष्टि की थी कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं करेगा, लेकिन एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के सर्वोच्च नेता, मोजतबा खामेनेई, ने वार्ता टीम को इस्लामाबाद जाने की अनुमति दे दी है।


रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई ने सोमवार रात (20 अप्रैल) को ईरानी वार्ता टीम को भाग लेने की अनुमति दी। इस बीच, रिपोर्ट में तीन स्रोतों का हवाला देते हुए कहा गया है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस मंगलवार सुबह इस्लामाबाद के लिए रवाना होने की उम्मीद है, ताकि ईरान के साथ संभावित समझौते पर चर्चा की जा सके।


गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच 14 दिन का संघर्ष विराम 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को धमकी दी कि यदि वार्ता की समय सीमा चूक गई, तो वह बमबारी अभियान शुरू कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ईरान से शांति वार्ता में भाग लेने का संकेत मिलने का इंतजार कर रहा था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दबाव के कारण दूसरी शांति वार्ता को रोक रहा है।