ईरान और अमेरिका के बीच तनाव: ट्रम्प की मांगें और प्रतिक्रिया

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कूटनीतिक नीतियों की आलोचना की है। ट्रम्प ने ईरान से परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध लगाने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की मांग की है। इस बीच, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी अंतिम समझौते से इनकार किया है। जानिए इस तनाव के पीछे की पूरी कहानी और दोनों पक्षों की स्थिति।
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ईरान के नेता का बयान

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहनस रेजाई ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर से कूटनीति के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। उन्होंने ईरान पर लगाए गए समुद्री नाकेबंदी को जारी रखने और बातचीत में अत्यधिक मांगें रखने के लिए ट्रम्प की आलोचना की। रेजाई ने कहा, "इससे यह स्पष्ट होता है कि ट्रम्प वार्ता के लिए इच्छुक नहीं हैं और वे अन्य उद्देश्यों की ओर बढ़ रहे हैं।" यह बयान तब आया जब ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है और दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।


ट्रम्प की मांगें

ट्रम्प ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी मांगें स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा, "ईरान को यह सहमति देनी होगी कि वे कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे।" इसके अलावा, उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने की बात की, जिसमें कोई टोल नहीं होगा और सभी जल खानों को समाप्त किया जाएगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को नष्ट करेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि युद्ध के लिए वित्तीय मुआवजे का कोई आदान-प्रदान नहीं होगा।