ईरान और अमेरिका-इसरायल युद्ध: हालात और घटनाक्रम
युद्ध के 38 दिन: हॉर्मूज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण
अमेरिका-इसरायल और ईरान के बीच संघर्ष के 38 दिन बीत चुके हैं। इस दौरान हॉर्मूज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। वर्तमान में, इस क्षेत्र में तीन हजार से अधिक जहाज फंसे हुए हैं। ईरान ने सीजफायर समझौते को अस्वीकार कर दिया है।
ट्रंप का रेस्क्यू मिशन का खुलासा
व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में किए गए रेस्क्यू मिशन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 200 लोगों ने एक सैनिक का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। ट्रंप ने कहा कि यह रेस्क्यू इतिहास में सबसे कठिन में से एक था। उन्होंने बताया कि इस मिशन के लिए 21 विमानों का इस्तेमाल किया गया।
अमेरिकी सेना की रणनीति
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि खोज अभियान को गुमराह करने के लिए कई विमानों का उपयोग किया गया और सात अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाए गए। दूसरे बचाव अभियान में 155 विमानों का समावेश था, जिसमें बमवर्षक, लड़ाकू विमान, ईंधन भरने वाले टैंकर और बचाव विमान शामिल थे। ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना ने अपने ही विमानों को नष्ट कर दिया ताकि दुश्मन संवेदनशील उपकरणों की जांच न कर सके।
ईरान का युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराना
ईरान ने हालिया युद्धविराम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और स्थायी युद्ध समाप्ति की मांग की है। यह जानकारी ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी द्वारा दी गई। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह निर्धारित समयसीमा के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोले, अन्यथा उसे हमलों का सामना करना पड़ेगा।
ईरान में हवाई हमलों का प्रभाव
इजराइल और अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसमें 25 से अधिक लोगों की जान गई। इसके जवाब में, ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं। हवाई हमलों में तेहरान के शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया, जिससे परिसर में नुकसान हुआ।
