ईरान-अमेरिका संघर्ष में ट्रंप का तनावपूर्ण व्यवहार

ईरान के साथ हालिया संघर्ष में अमेरिका को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप की तनावपूर्ण प्रतिक्रिया शामिल है। जब ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया, तो ट्रंप की स्थिति और भी गंभीर हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को वॉर रूम से बाहर रखा गया था ताकि उनकी अधीरता निर्णय लेने में बाधा न बने। जानें इस संघर्ष की पूरी कहानी और ट्रंप के व्यवहार के बारे में।
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संघर्ष के दौरान ट्रंप की प्रतिक्रिया

ईरान-अमेरिका संघर्ष में ट्रंप का तनावपूर्ण व्यवहार

वॉशिंगटन: अमेरिका को ईरान के साथ 28 फरवरी से 8 अप्रैल तक चले संघर्ष में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से, जब अप्रैल की शुरुआत में ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया, तब स्थिति और भी गंभीर हो गई। इस दौरान न केवल अमेरिकी जेट गिरे, बल्कि उनके पायलट भी फंस गए। इस संकट के समय, अमेरिकी राष्ट्रपति कथित तौर पर काफी परेशान हो गए थे और उनकी प्रतिक्रिया में चिल्लाने-चिल्लाने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

एक प्रमुख समाचार पत्र ने प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से बताया कि 3 अप्रैल को ईरान में F-15 ईगल विमान के गिरने और पायलटों के लापता होने पर डोनाल्ड ट्रंप बेहद चिंतित हो गए। उन्होंने जल्दी से कुछ करने का दबाव डाला, जिसके कारण अधिकारियों ने उन्हें उस वॉर रूम से बाहर रहने की सलाह दी, जहां पायलटों को बचाने की योजना बनाई जा रही थी। यह रिपोर्ट वाइट हाउस के उस दावे को खारिज करती है, जिसमें कहा गया था कि ट्रंप संकट के समय स्थिर बने रहे।

ट्रंप को संभालना था चुनौतीपूर्ण
जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी एफ-15 जेट के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद चल रहे बचाव अभियान के दौरान ट्रंप को संभालना कठिन था। इस दौरान उपराष्ट्रपति और वाइट हाउस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी सिचुएशन रूम में फोन के माध्यम से संपर्क में थे। इन बैठकों में ट्रंप को शामिल नहीं किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के बारे में फोन कॉल के जरिए सूचित किया जाता रहा। अधिकारियों ने महसूस किया कि ट्रंप की अधीरता वास्तविक समय में निर्णय लेने में बाधा डाल सकती है, इसलिए उन्हें वॉर रूम से दूर रखा गया।

ईरान में अमेरिकी विमान के गिरने के बाद ट्रंप लगातार चिल्लाते रहे। उनके व्यवहार को देखते हुए अधिकारियों ने उन्हें वॉर रूम से बाहर रहने की सलाह दी।

अमेरिकी अधिकारी
इससे पहले वाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा था कि ट्रंप ईरान के साथ संघर्ष के दौरान एक स्थिर नेता बने रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट कहती है कि पायलट को बचाने के 24 घंटे से अधिक समय के अभियान में ट्रंप का व्यवहार स्थिर नहीं था। 4 अप्रैल की शाम को ट्रंप तब शांत हुए, जब उन्हें बताया गया कि लापता पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है।

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। हालिया लड़ाई 28 फरवरी से शुरू हुई थी। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान में हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। 39 दिन की लड़ाई के बाद 8 अप्रैल को दो हफ्ते का सीजफायर हुआ है। वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच सीजफायर समझौते पर बातचीत चल रही है।