ईरान-अमेरिका टकराव का असर: गैस और ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि
ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का प्रभाव अब हर जगह स्पष्ट हो रहा है, जो हमारे सड़कों से लेकर रसोई तक पहुंच चुका है। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने महंगाई को बढ़ावा दिया है, जिससे सड़क पर यात्रा करना महंगा हो गया है। सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी कोई राहत नहीं है, और एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक वृद्धि
आपको याद होगा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही थीं, तब भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर थीं। लेकिन मई 2026 में, अचानक इनकी कीमतों में तेजी आई। तेल कंपनियों ने चार बार में कीमतें लगभग ₹7.50 प्रति लीटर बढ़ा दीं, साथ ही CNG और LPG की कीमतों में भी वृद्धि हुई।
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें एक साल से स्थिर थीं, लेकिन अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के बाद, कच्चे तेल की कीमतें $125 प्रति बैरल के पार चली गईं। इसके परिणामस्वरूप, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव आया।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹89 की वृद्धि
1 मार्च को नई दरों की घोषणा की गई थी, लेकिन घरेलू सिलेंडर की कीमतें नहीं बढ़ीं। हालांकि, 7 मार्च को नई दरों के अनुसार, घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹853 से बढ़कर ₹913 हो गई। इसके बाद तीन महीने में एक और वृद्धि हुई, जिससे अब कीमत ₹942 हो गई है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है। 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत ₹1,740.50 से बढ़कर ₹3,113.50 हो गई है। यह वृद्धि पिछले तीन महीनों में हुई है, जिसमें कई बार कीमतें बढ़ाई गईं।
CNG की कीमतों में लगातार वृद्धि
वैश्विक तनाव के बीच, CNG की कीमतें भी बढ़ रही हैं। हाल ही में, CNG की कीमत में ₹1 प्रति किलो की वृद्धि की गई है, जो पिछले 10 दिनों में तीसरी बार है। अब दिल्ली में CNG की कीमत ₹81.09 प्रति किलो हो गई है।
