इजराइल-लेबनान संघर्ष: सीजफायर के उल्लंघन और नई येलो लाइन की स्थापना
सीजफायर का उल्लंघन और इजराइल की नई कार्रवाई
16 अप्रैल को इजराइल और लेबनान के बीच शुरू हुए सीजफायर के उल्लंघन की खबरें लगातार आ रही हैं। ईरान के अनुसार, इजराइली सेना ने लेबनान में एक नई येलो लाइन स्थापित की है। इजराइल ने दक्षिणी क्षेत्र में उन लक्ष्यों पर नए हमले किए हैं, जिन्हें उसने खतरा माना है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कई गांवों पर तोपों और मशीनगनों से फायरिंग की गई, और रविवार को दो हवाई हमले भी किए गए। इनमें से एक हमला हिज्बुल्लाह के एक समूह पर था, जो इजराइल के अनुसार, येलो लाइन की दिशा में बढ़ रहा था, लेकिन उन्होंने इसे पार नहीं किया। अल जजीरा के अनुसार, इसका मतलब यह है कि वे लाइन के उत्तर में थे, न कि उसके भीतर।
हमलों का विवरण
दूसरा हवाई हमला एक व्यक्ति को निशाना बनाकर किया गया, जो येलो लाइन के दक्षिण में एक सुरंग के प्रवेश द्वार की ओर बढ़ रहा था। इजराइल ने इस व्यक्ति पर हमला किया और उस सुरंग के प्रवेश द्वार को नष्ट कर दिया। इजराइली सेना के प्रवक्ता ने कहा कि इस कार्रवाई से संघर्ष-विराम का उल्लंघन नहीं हुआ है।
इजराइल की कार्रवाई की वैधता
समझौते के अनुसार, यदि आप इसकी मुख्य बातें ध्यान से पढ़ें, तो यह इजराइल को उन परिस्थितियों में कार्रवाई करने की अनुमति देता है, जिन्हें वह 'आत्मरक्षा' के रूप में देखता है। इसके अलावा, यह उसे लेबनान के 55 गांवों पर नियंत्रण बनाए रखने की अनुमति भी देता है।
हिज्बुल्लाह की प्रतिक्रिया
बेरूत से मिली जानकारी के अनुसार, हिज्बुल्लाह के नेता नईम कासिम ने इस व्यवस्था की आलोचना की है और इसे लेबनान का अपमान बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, उनका समूह इजराइल के हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। जमीनी स्थिति में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया है।
येलो लाइन की परिभाषा
येलो लाइन वास्तव में एक सैन्य सीमा है, जो जमीन पर खींची गई एक काल्पनिक रेखा है, जो विरोधी क्षेत्रों को अलग करती है। इजराइल का कहना है कि उसने दक्षिणी लेबनान में एक ऐसी रेखा बनाई है, जो उसकी सेनाओं और संभावित खतरों के बीच की सीमा को निर्धारित करती है। अक्टूबर 2025 के गाजा सीजफायर के बाद, इजराइल ने गाजा स्ट्रिप को दो हिस्सों में बांट दिया है, जिसमें दक्षिणी और उत्तरी हिस्से पर उसका नियंत्रण है।
