इजराइल के हमले से ईरान में बढ़ा तनाव, वैश्विक सप्लाई चेन पर खतरा

इजराइल ने ईरान में कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसमें एयरपोर्ट्स और नेवी बेस शामिल हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर खतरा बढ़ गया है। ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं, और ट्रम्प ने ईरान की ताकत को कम बताया है। इस बीच, भारत के लिए राहत की खबर है कि LPG लेकर आ रहे दो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं।
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इजराइल के हमले से ईरान में बढ़ा तनाव, वैश्विक सप्लाई चेन पर खतरा

ईरान में इजराइल के हमले

इजराइल के हमले से ईरान में बढ़ा तनाव, वैश्विक सप्लाई चेन पर खतरा

वॉशिंगटन। इजराइल ने सोमवार को ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हमले किए। रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान के निकट तीन एयरपोर्ट्स पर भारी बमबारी की गई। इजराइल का दावा है कि इन हमलों में कई एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

इस दौरान बुशहर में ईरान के एक प्रमुख नेवी बेस पर भी जोरदार धमाका हुआ। यहां नेवल बेस के साथ एयरफोर्स बेस, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन के अंडरग्राउंड स्टोरेज मौजूद थे।

इजराइल ने ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड, साउथ पार्स, पर भी फिर से हमला किया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड है और ईरान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस हमले से ईरान की ऊर्जा सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

ईरान ने वैश्विक सप्लाई ठप करने की दी धमकी

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल के हमले जारी रहे, तो वह वैश्विक सप्लाई चेन को बाधित कर सकता है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज के अलावा अन्य समुद्री मार्गों को भी निशाना बना सकता है।

ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि किसी भी बड़े कदम का जवाब केवल सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर प्रभाव डालकर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सिर्फ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते भी खतरे में आ सकते हैं।

यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने का अल्टीमेटम दिया है और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

ईरान के करीबी माने जाने वाले यमन के हूती विद्रोही रेड सी में जहाजों पर हमले की बात कह चुके हैं।

ट्रम्प का बयान: ईरानी लड़ाके पहले जितने ताकतवर नहीं

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरानी लोग अच्छे और मजबूत लड़ाके हैं, लेकिन अब पहले जितने ताकतवर नहीं रहे। उन्होंने कहा कि दुश्मन (ईरान) मजबूत है, लेकिन एक महीने पहले जितना मजबूत था अब उतना नहीं है। लगातार हमलों और दबाव के कारण ईरान की ताकत काफी कम हुई है।

हूती विद्रोहियों का इजराइल पर हमला

यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान और हिजबुल्लाह के सहयोग से इजराइल के दक्षिणी शहर इलात पर हमला किया। हूती लड़ाकों के अनुसार, इस हमले में इजराइल के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

हूती संगठन के टीवी चैनल अल-मसीरा पर जारी बयान में कहा गया कि यह एक संयुक्त हमला था। इजराइल की सेना ने भी स्वीकार किया है कि यमन की तरफ से ड्रोन भेजे गए थे, जो इलात की ओर आए।

ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट पर इजराइल का हमला

इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के असालुयेह में स्थित सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला किया है। इजराइल के अनुसार, इस प्लांट में ईरान का लगभग 50% पेट्रोकेमिकल उत्पादन होता था।

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी एक और बड़े प्लांट को निशाना बनाया गया था। अब इन दोनों हमलों के बाद ईरान के अधिकांश पेट्रोकेमिकल प्लांट काम नहीं कर रहे हैं। इन हमलों से ईरान को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है और इससे उसके सैन्य खर्च पर भी असर पड़ेगा।

ईरान में एयरपोर्ट्स और नेवी बेस पर बमबारी

इजराइल ने सोमवार को ईरान में कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हमले किए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान के पास मौजूद तीन एयरपोर्ट्स पर भारी बमबारी की गई। इजराइल का कहना है कि इन हमलों में कई एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

ईरान ने अमेरिका पर रेस्क्यू मिशन के बहाने यूरेनियम चुराने का शक जताया है। उनका कहना है कि यह केवल पायलट को बचाने का मिशन नहीं था।

ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने कहा कि इस ऑपरेशन को लेकर कई सवाल हैं। उन्होंने बताया कि जिस जगह पायलट के होने की बात कही गई, वह उस जगह से काफी दूर थी जहां अमेरिकी सेना पहुंची।

ईरान का कहना है कि हो सकता है यह एक चाल हो और अमेरिका वहां से यूरेनियम लेने की कोशिश कर रहा हो।

ईरान की शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमला, अमेरिका-इजराइल पर आरोप

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजराइल पर तेहरान की शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह ईरान की एक महत्वपूर्ण यूनिवर्सिटी है, जिसे ‘ईरान का MIT’ कहा जाता है।

हमले से बचने के लिए लेबनान के हजारों लोग पहाड़ी इलाकों में शरण ले रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प आज रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प इस दौरान सेना के अधिकारियों के साथ नजर आएंगे और हाल ही में हुए एक रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में भी बात कर सकते हैं।

इस ऑपरेशन में अमेरिका ने अपने एक फाइटर जेट के क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाला था। ट्रम्प इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान के संबंध में अपनी अगली रणनीति भी बता सकते हैं।

इजराइल ने दो बड़े ईरानी अधिकारियों को मारने का दावा किया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनकी सेना ने एक बड़े ऑपरेशन में ईरान के दो महत्वपूर्ण सैन्य अधिकारियों को मार गिराया है। इनमें एक IRGC से जुड़े असगर बकरी (कमांडर बघेरी) और दूसरे ईरान की खुफिया एजेंसी के प्रमुख माजिद खदेमी हैं।

भारत के लिए राहत की खबर: दो जहाज जल्द 60 हजार टन LPG लेकर भारत पहुंचेंगे

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बावजूद भारत के लिए राहत की खबर है। सरकार ने बताया कि LPG (रसोई गैस) लेकर आ रहे भारत के दो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं और जल्द भारत पहुंचेंगे।

इन जहाजों के नाम ग्रीन साध्वी और ग्रीन आशा हैं। इनमें कुल मिलाकर 60 हजार टन से ज्यादा गैस है। ग्रीन साध्वी 7 अप्रैल और ग्रीन आशा 9 अप्रैल तक भारत पहुंच सकती है।

सरकार के अनुसार, दोनों जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनमें भारतीय नाविक भी सवार हैं। एक जहाज में करीब 46 हजार टन और दूसरे में लगभग 15 हजार टन गैस है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस समय उस इलाके में भारत के 16 जहाज मौजूद हैं, जिनमें 400 से ज्यादा भारतीय काम कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि अभी तक किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई हादसा नहीं हुआ है.