इंदौर में सस्टेनेबल डेवलपमेंट वीक का आयोजन: सौर ऊर्जा का महत्व
सस्टेनेबल डेवलपमेंट वीक की शुरुआत
इंदौर के सनावदिया गांव में सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत की गई है। स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर ‘जिम्मी और जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ द्वारा 15 से 21 अप्रैल तक सस्टेनेबल डेवलपमेंट वीक का आयोजन किया जा रहा है। इस सप्ताह की शुरुआत सोलर कुकिंग फूड फेस्टिवल से हुई, जिसने पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक भागीदारी का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन गिरिदर्शन स्थित निवास पर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल में किया गया। गुरुकुल के शिष्यों की ईश वंदना, बहाई प्रार्थनाएं और सामूहिक प्रार्थना ने पूरे वातावरण को सकारात्मक बना दिया। फाउंडेशन के ट्रस्टी वीरेंद्र गोयल ने ‘ओम’ का उच्चारण करते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया।
सोलर कुकिंग फेस्टिवल का आयोजन
इस आयोजन की एक विशेषता सोलर कुकिंग फेस्टिवल था, जिसमें इंदौर, महू और आसपास के गांवों से आए लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गिरिदर्शन परिसर सोलर कुकरों से भरा हुआ था और लगभग 30–35 प्रतिभागियों ने सोलर कुकिंग का प्रशिक्षण लिया। यह कई लोगों के लिए एक नया अनुभव था, जिसने उन्हें नई तकनीक से जोड़ा।
स्वादिष्ट व्यंजनों का निर्माण
कार्यक्रम के दौरान सोलर कुकर में 15 से अधिक प्रकार के व्यंजन बनाए गए, जिनमें कढ़ी, इडली, पुलाव, खिचड़ी, खीर, केक और रबड़ी शामिल थे। ऑर्गेनिक मिलेट्स और मलबरी जैम के साथ इन व्यंजनों का सामूहिक आनंद लिया गया, जिससे यह आयोजन एक उत्सव में बदल गया।

विशेषज्ञों की उपस्थिति
इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे। सोलर इंजीनियर दीपक गढ़िया, सोलर कुकिंग विशेषज्ञ डॉ. अजय चांडक और श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. योगेश गोस्वामी ने सोलर ऊर्जा के महत्व और इसकी बढ़ती जरूरतों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा एक टिकाऊ समाधान है, जिसे अपनाना आवश्यक है।
स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन का योगदान
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन सोलर तकनीक के क्षेत्र में एक प्रमुख नवप्रवर्तक थे, जिन्होंने कई प्रकार के सोलर कुकर और सोलर किचन विकसित किए। हालांकि इस तकनीक को अपेक्षित सरकारी समर्थन नहीं मिला, लेकिन पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन इस मिशन को आगे बढ़ा रही हैं और युवाओं को इससे जोड़ रही हैं।
प्रशिक्षण और प्रदर्शन
कार्यक्रम में सोलर पैनलों और विभिन्न सोलर उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया। प्रतिभागियों को सोलर कुकिंग की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
प्रतिभागियों के अनुभव
इस आयोजन में शामिल नित्या ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सोलर कुकर में इमली पुलाव बनाना उनके लिए एक खास अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ खाना बनाने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सीखने, साथ जुड़ने और खुशियां बांटने का एक माध्यम था।

कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन की ट्रस्टी अनुराधा दुबे ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पूरे सप्ताह सोलर इनोवेशन, जल संरक्षण, ऑर्गेनिक जीवनशैली और ग्रीन इंडिया में विश्वविद्यालयों की भूमिका जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सस्टेनेबल जीवनशैली की ओर एक मजबूत कदम है, जो समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने का संदेश देता है।
