इंदौर में भीषण अग्निकांड: स्मार्ट लॉक की खामियों ने बढ़ाई मुसीबत

इंदौर में 18 मार्च को एक भीषण अग्निकांड ने 8 लोगों की जान ले ली, जिसमें बच्चे और महिलाएं शामिल थीं। आग इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट पर शॉर्ट सर्किट से लगी। जांच में सामने आया कि डिजिटल लॉक बिजली कटने पर बंद हो गए, जिससे लोग बाहर नहीं निकल सके। विशेषज्ञों ने स्मार्ट लॉक की सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी है और सरकार ने नए प्रोटोकॉल बनाने का आश्वासन दिया है। जानें इस घटना से क्या सबक मिलते हैं।
 | 
इंदौर में भीषण अग्निकांड: स्मार्ट लॉक की खामियों ने बढ़ाई मुसीबत

इंदौर में आग की घटना


18 मार्च को मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्रजेश्वरी एनेक्स (तिलक नगर क्षेत्र) में एक भयंकर अग्निकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग पॉइंट पर शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क उठी, जिससे घर में रखे 10 से अधिक LPG सिलेंडर फट गए। इस घटना में एक ही परिवार के 8 सदस्यों की जलकर दुखद मृत्यु हो गई, जिनमें 2 बच्चे (12 और 8 वर्ष के), 3 महिलाएं (एक गर्भवती बहू सिमरन सहित) शामिल थीं। यह परिवार राजस्थान/बिहार से इंदौर में इलाज के लिए आया था।


जांच में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

जांच में यह बात सामने आई कि घर में लगे डिजिटल/स्मार्ट लॉक बिजली कटने के कारण बंद हो गए थे, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए। फायर ब्रिगेड और पुलिस को दरवाजा तोड़ने में काफी समय लगा। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा, "बिजली ट्रिप होने से इलेक्ट्रॉनिक लॉक फेल हो गए, जिससे रेस्क्यू में देरी हुई।" यह घटना पिछले साल अक्टूबर में इंदौर के एक कांग्रेस नेता के पेंटहाउस में हुई आग से मिलती-जुलती है, जहां डिजिटल लॉक ने भी जानलेवा स्थिति पैदा की थी।


स्मार्ट लॉक की सुरक्षा पर विशेषज्ञों की सलाह

इस हादसे के बाद सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि "हर स्मार्ट लॉक खतरनाक नहीं होता, लेकिन यदि सही फीचर्स नहीं हैं तो यह आपात स्थिति में जानलेवा हो सकता है।" प्रमुख विशेषज्ञों की सलाह इस प्रकार है:



  1. बैकअप बैटरी या पावर सप्लाई जरूरी: लॉक में रिचार्जेबल बैटरी या AA/AAA बैकअप बैटरी होनी चाहिए, जो बिजली कटने पर भी 24-48 घंटे तक काम करे। कई सस्ते मॉडल में यह फीचर नहीं होता।

  2. मैनुअल ओवरराइड/इमरजेंसी की: बाहर से की (कुंजी) या इमरजेंसी लीवर/नॉब होना चाहिए, जिससे पावर फेल होने पर भी दरवाजा मैनुअली खोला जा सके। फायर-सेफ लॉक में यह स्टैंडर्ड होना चाहिए।

  3. फायर-रेटेड और UL/ISI सर्टिफाइड: लॉक फायर-सेफ्टी स्टैंडर्ड (जैसे UL 10C या भारतीय BIS सर्टिफिकेशन) वाला हो। आग में 30-60 मिनट तक काम करने वाला मॉडल चुनें।

  4. इंटीग्रेटेड स्मोक/फायर अलार्म लिंक: कुछ एडवांस्ड स्मार्ट लॉक (जैसे Yale, Godrej, Schlage, August) स्मोक डिटेक्टर से जुड़ सकते हैं। आग लगने पर ऑटो-अनलॉक या अलर्ट मोड में चले जाएं।

  5. डुअल एक्सेस या फैमिली मोड: ऐप से रिमोट अनलॉक के साथ फिजिकल की बैकअप रखें। बच्चों/बुजुर्गों के लिए आसान इमरजेंसी बटन वाला लॉक बेहतर।


विशेषज्ञों का कहना है, "स्मार्ट लॉक सुरक्षा के लिए हैं, मौत के लिए नहीं। खरीदते समय हमेशा 'Fail-Safe' या 'Emergency Override' फीचर चेक करें। सस्ते चाइनीज मॉडल से बचें, ब्रांडेड (Godrej, Yale, Honeywell, Samsung) चुनें जो फायर इमरजेंसी में फेल-सेफ मोड में काम करें।"


सरकार की कार्रवाई

मध्य प्रदेश सरकार ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। MP उर्दू डेवलपमेंट मिनिस्टर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि EV चार्जिंग पॉइंट्स के लिए नए प्रोटोकॉल बनाए जाएंगे, विशेषकर रेजिडेंशियल एरिया में। फायर डिपार्टमेंट ने शहर भर में स्मार्ट होम्स और EV चार्जिंग सेफ्टी चेकअप अभियान शुरू करने की योजना बनाई है।