इंदौर में नवविवाहिता की दहेज प्रताड़ना की दर्दनाक कहानी

इंदौर की खुशबू मिश्रा ने दहेज प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाई है। शादी के छह महीने बाद उसके पति और सास ने उसे प्रताड़ित किया, लेकिन उसने हिम्मत दिखाई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यह कहानी न केवल उसकी साहसिकता को दर्शाती है, बल्कि समाज में दहेज के खिलाफ लड़ाई की आवश्यकता को भी उजागर करती है। जानिए खुशबू की संघर्ष की पूरी कहानी।
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इंदौर में नवविवाहिता की दहेज प्रताड़ना की दर्दनाक कहानी gyanhigyan

नवविवाहिता की ज़िंदगी बनी नर्क

इंदौर में नवविवाहिता की दहेज प्रताड़ना की दर्दनाक कहानी


भारत में विवाह को एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी माना जाता है, लेकिन कई बार यह एक चुनौती बन जाती है। मध्यप्रदेश के इंदौर में एक नवविवाहिता खुशबू मिश्रा ने अपने पति और सास के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया है। शादी के छह महीने बाद से पति ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी थी, जबकि सास ने दहेज की मांग को लेकर उसे गर्म तवे से जलाया।


टीआई आरएन भदौरिया के अनुसार, खुशबू की शादी के बाद सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद पति का किसी अन्य महिला के साथ अफेयर होने लगा। पति ने उसे अपमानित करते हुए कहा कि वह उस महिला की तरह सुंदर या शिक्षित नहीं है। खुशबू ने बताया कि उसने पिछले पांच महीनों में कई कठिनाइयों का सामना किया।


खुशबू ने आगे कहा कि उसकी सास ने उसे घर से निकालते हुए कहा कि अपने पिता से डेढ़ लाख रुपये लेकर आए, वरना घर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस पर खुशबू मायके चली गई और फिर हिम्मत जुटाकर द्वारिकापुरी पुलिस स्टेशन पहुंची। अन्नपूर्णा पुलिस ने उसके ससुराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है।


खुशबू की हिम्मत की मिसाल

भारत में विवाह को एक पवित्र बंधन माना जाता है, लेकिन कई महिलाएं अपने ससुराल वालों की प्रताड़ना सहन कर रही हैं। खुशबू ने अपनी स्थिति का सामना करते हुए एक साहसिक कदम उठाया है। आज के समय में महिलाओं को अपनी आवाज उठाने की आवश्यकता है, ताकि दहेज के लिए प्रताड़ित करने वालों को सबक मिल सके।