इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर उमा भारती का कड़ा बयान

इंदौर में दूषित पानी के कारण 15 लोगों की मौत के बाद, भाजपा नेता उमा भारती ने सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में असफल रहे हैं। उमा ने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने की मांग की और जीवन की कीमत को दो लाख रुपए से अधिक बताया। जानें इस मामले में और क्या कहा गया है।
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इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर उमा भारती का कड़ा बयान

इंदौर में पानी की समस्या पर उमा भारती की प्रतिक्रिया

इंदौर में पिछले तीन दिनों में दूषित पानी के कारण 15 लोगों की मृत्यु के बाद, वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने मध्य प्रदेश सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला किया। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग शहर को बुनियादी सुविधाएं, जैसे कि पीने का पानी, समय पर उपलब्ध कराने में असफल रहे हैं, जबकि वे खुद बिसलेरी की बोतलों का सेवन कर रहे हैं। उमा भारती ने इंदौर की त्रासदी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं को कड़ी सजा देने की मांग की, यह कहते हुए कि ऐसे गंभीर अपराध को केवल स्पष्टीकरण या माफी से नहीं छोड़ा जा सकता!


 


उन्होंने एक्स पर लिखा कि 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी के सेवन से हुई मौतें हमारे प्रदेश, सरकार और पूरी व्यवस्था के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गई हैं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त करने वाले नगर में इतनी गंदगी और जहर मिला पानी कितनी जिंदगियों को निगल चुका है। उन्होंने कहा कि जीवन की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती, क्योंकि पीड़ित परिवार जीवन भर दुःख में रहते हैं। इस पाप का प्रायश्चित होना चाहिए, पीड़ितों से माफी मांगनी चाहिए और सभी अपराधियों को अधिकतम दंड मिलना चाहिए। यह मोहन यादव जी के लिए परीक्षा की घड़ी है।


 


पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इंदौर में दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी सरकार नहीं चल रही। जब आपकी सरकार नहीं चल रही थी, तो आप बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं गए? ऐसे गंभीर अपराधों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता, केवल प्रायश्चित या दंड होता है! उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश का शासन और प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेदार लोग जनता के सामने अपराध के कटघरे में खड़े हैं।


 


इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण दस्त फैलने से 15 लोगों की मौत की सूचना मिली है। जब उनसे भागीरथपुरा से लिए गए पेयजल के नमूनों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बारे में पूछा गया, तो महापौर ने कहा कि इस मामले में केवल स्वास्थ्य विभाग ही जानकारी दे सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हसनी ने गुरुवार को बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि पाइपलाइन में रिसाव के कारण इलाके का पेयजल दूषित हो गया था।