इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी, मंत्री की मौजूदगी में महिलाओं का विरोध

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में पानी में बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मृतकों के परिवारों को सहायता राशि देने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए चेक लेने से मना कर दिया। जानें इस गंभीर मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
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इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी, मंत्री की मौजूदगी में महिलाओं का विरोध

इंदौर में दूषित पानी से बढ़ती समस्याएं

इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी, मंत्री की मौजूदगी में महिलाओं का विरोध


इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण पिछले 11 दिनों में 14 लोगों की जान जा चुकी है। इस मामले में सरकारी रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि पानी की गुणवत्ता में गिरावट आई है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब से पानी के नमूनों की जांच की गई है। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी में प्रदूषण हुआ है।


मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी स्वीकार किया कि भागीरथपुरा के पेयजल में सीवेज का पानी मिलना एक गंभीर समस्या है। उन्होंने कहा कि चौकी के पास लीकेज वाली जगह पर सबसे अधिक चिंता है।


सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि क्षेत्र से लिए गए पानी के नमूनों में जानलेवा बैक्टीरिया पाए गए हैं। इंदौर, जो कि देश के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक माना जाता है, वहां दूषित पानी पीने से अब तक 14 मौतें हो चुकी हैं और लगभग 1400 लोग इन्फेक्शन का शिकार हुए हैं।


इस बीच, मंत्री विजयवर्गीय भागीरथपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए के चेक देने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें यह चेक नहीं चाहिए।


मंत्री ने स्कूटर पर यात्रा की, और महिलाओं ने उनकी गाड़ी को रोककर गंदे पानी की समस्या के बारे में शिकायत की। एक महिला ने कहा कि पिछले दो साल से गंदा पानी आ रहा है, और समस्या का समाधान नहीं हुआ।


महिलाओं ने मंत्री के सामने गुस्से में चेक लेने से मना कर दिया। सपना पाल नाम की एक महिला ने पार्षद की भी शिकायत की। मंत्री ने स्थिति को देखते हुए स्कूटर चलाने वाले को आगे बढ़ने का निर्देश दिया।