इंदौर में टैक्सी ड्राइवर की आत्महत्या से पुलिस में हड़कंप

इंदौर में एक टैक्सी ड्राइवर अभिषेक पाटिल ने आत्महत्या कर ली, जिसके पीछे पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोप हैं। उसने एक वीडियो में बताया कि पुलिस ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और पैसे की मांग की। इस घटना ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो के सामने आने के बाद सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच एसीपी द्वारा की जा रही है। जानें पूरी कहानी और पुलिस की प्रतिक्रिया।
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इंदौर में टैक्सी ड्राइवर की आत्महत्या से पुलिस में हड़कंप

इंदौर में आत्महत्या का मामला

इंदौर में टैक्सी ड्राइवर की आत्महत्या से पुलिस में हड़कंप

इंदौर में एक टैक्सी चालक द्वारा आत्महत्या करने की घटना ने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है। राऊ थाना क्षेत्र के पलाश परिसर में रहने वाले अभिषेक पाटिल ने फांसी लगाकर जान दी, लेकिन इससे पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुलिस पर गंभीर आरोप
अभिषेक के वीडियो में उसने राजेंद्र नगर थाने के सब-इंस्पेक्टर मनोहर पाल पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि एक सड़क दुर्घटना के बाद उसे थाने ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई और 50 हजार रुपये की अवैध वसूली का दबाव बनाया गया। पैसे न देने पर उसे जेल भेजने की धमकी भी दी गई। बताया गया है कि सोमवार रात उसकी टैक्सी एक अन्य कार से टकरा गई थी। अभिषेक का कहना था कि सामने वाली कार ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे यह हादसा हुआ। इसके बाद कार चालक ने 25 हजार रुपये की मांग की, लेकिन अभिषेक ने मरम्मत कराने की बात की। विवाद बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई।

पक्षपात का आरोप
वीडियो में अभिषेक ने यह भी कहा कि थाने में अन्य पुलिसकर्मियों का व्यवहार सामान्य था, लेकिन एसआई मनोहर पाल ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। उसने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष की गाड़ी को छोड़ दिया गया क्योंकि उसका चालक एसआई का जानकार था। अभिषेक ने थाने की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की भी मांग की थी। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एसआई मनोहर पाल को निलंबित कर दिया है।

पुलिस का बयान
डीसीपी कृष्णलाल चंददानी ने बताया कि वायरल वीडियो में अभिषेक ने कहा था कि सोमवार रात राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ था। इसके बाद डायल 112 की टीम ने दोनों पक्षों को थाने लाया। अभिषेक टैक्सी चालक था और दूसरी पार्टी की गाड़ी को नुकसान हुआ था। आरोप है कि दूसरी पार्टी की ओर से उससे 25 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। अभिषेक ने वीडियो में पुलिस पर भी दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं, लेकिन इन आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है।

जांच जारी
पूरे मामले की जांच एसीपी गांधीनगर को सौंपी गई है और तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि सब-इंस्पेक्टर की क्या भूमिका थी और क्या वास्तव में किसी तरह की पैसों की मांग या दबाव बनाया गया था। मृतक ने घटना से पहले अपने परिजनों को कुछ संदेश भी भेजे थे। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि वीडियो बनाते समय वह शराब के नशे में था और उसमें बीयर व सिगरेट पीते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस ने कहा कि सभी तथ्यों की बारीकी से जांच की जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभिषेक अकेले किराए के मकान में रहता था, जबकि उसका परिवार द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में निवास करता है।

अभिषेक ने आत्महत्या से पहले वीडियो में कहा, “सभी को मेरा नमस्कार। मैं अपनी जिंदगी अच्छे से जीना चाहता था। मैं शादी करना चाहता था। मेरी एक प्रिय थी, मैं उससे शादी करके एक अच्छा घर बसाना चाहता था। लेकिन आज मेरे साथ ऐसा हुआ कि मैं टूट गया हूँ। मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या करूँ। पुलिस वालों ने मेरे साथ बहुत गलत किया है। मैं सोच भी नहीं सकता था कि पुलिस वाले इस तरह का व्यवहार कर सकते हैं। पुलिस का काम सच का साथ देना होता है, लेकिन यहाँ उन्होंने झूठ का साथ दिया।”