इंदौर में 34वें वार्षिक पर्यावरण संवाद सप्ताह का सफल आयोजन

इंदौर में 34वें वार्षिक पर्यावरण संवाद सप्ताह का आयोजन हुआ, जिसमें जलवायु कार्रवाई पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। सत्र में प्रतिभागियों को छोटे-छोटे कदम उठाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को जलवायु कार्रवाई में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
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इंदौर में 34वें वार्षिक पर्यावरण संवाद सप्ताह का सफल आयोजन gyanhigyan

सतत आजीविका के लिए जलवायु कार्रवाई पर विशेष सत्र


इंदौर में, पद्म श्री डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा मगिलिगन के मुख्य वक्तव्य के साथ 34वें वार्षिक पर्यावरण संवाद सप्ताह 2026 का तीसरा दिन 'सतत आजीविका के लिए जलवायु कार्रवाई' विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया गया।


सत्र की शुरुआत रहेजा सोलर फूड के निदेशक वरुण रहेजा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने डॉ. मगिलिगन को अपने इंटर्नशिप गुरु के रूप में मानते हुए कहा कि सौर ऊर्जा और ग्रामीण उद्यमिता में उनकी प्रेरणा का स्रोत डॉ. मगिलिगन ही हैं।


मुख्य वक्ता डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और विश्व पर्यावरण दिवस के इतिहास पर चर्चा की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर जोर देते हुए कहा, 'पानी की कमी नहीं है; हमें उचित जल प्रबंधन की आवश्यकता है।'


डॉ. मगिलिगन ने प्रतिभागियों से वृक्षारोपण, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और सौर ऊर्जा के उपयोग जैसे छोटे कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि हमारी दैनिक आदतों से होती है।


वरिष्ठ समाजसेवी वीरेंद्र गोयल ने प्लास्टिक प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।


सत्र में यह स्पष्ट हुआ कि जलवायु कार्रवाई अब केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बन गई है। 'पर्यावरण बचाओ, जीवन बचाओ' का नारा पूरे कार्यक्रम में गूंजता रहा।


वक्ताओं ने बताया कि सीमित संसाधनों और छोटी पहलों को नवाचार के साथ जोड़कर बड़े उद्यमों का निर्माण किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नए रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।


यह सत्र 34वें वार्षिक पर्यावरण संवाद सप्ताह का हिस्सा है, जो 30 मई से 5 जून 2026 तक चल रहा है। इस सप्ताह का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को जलवायु कार्रवाई में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।


कार्यक्रम का समापन संवादात्मक चर्चा और संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।