आरबीआई की एनबीएफसी को चेतावनी: लोन गुणवत्ता पर ध्यान दें

आरबीआई ने एनबीएफसी के प्रमुखों से मुलाकात कर लोन देने की गुणवत्ता पर ध्यान देने की चेतावनी दी है। यह कदम लोन डिफॉल्ट की बढ़ती समस्या के मद्देनजर उठाया गया है। आरबीआई ने कहा है कि एनबीएफसी को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए और ग्राहक हितों का ध्यान रखना चाहिए। रिपोर्ट में बैंक और एनबीएफसी के बीच संकट फैलने का खतरा भी बताया गया है। जानें इस चेतावनी का आम कर्जदारों पर क्या असर पड़ेगा।
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आरबीआई की चेतावनी का महत्व

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अधिकारियों ने हाल के दिनों में कई प्रमुख एनबीएफसी (NBFC) के प्रमुखों से मुलाकात की है। इन बैठकों में आरबीआई गवर्नर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि लोन देने की गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक है। यह आरबीआई की तरफ से दी गई तीसरी चेतावनी है, जिसका उद्देश्य एनबीएफसी को अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनाने का है।


लोन डिफॉल्ट की बढ़ती समस्या

यह कदम एनबीएफसी के लोन डिफॉल्ट में वृद्धि के बाद उठाया गया है। एनबीएफसी देश में क्रेडिट वितरण का एक महत्वपूर्ण साधन हैं। आरबीआई ने कहा है कि अच्छी अंडरराइटिंग, एसेट गुणवत्ता की निगरानी, ग्राहक हितों का ध्यान रखना, नैतिक व्यवहार, जिम्मेदार लेंडिंग और शिकायतों का त्वरित समाधान आवश्यक है। इन उपायों से एनबीएफसी पर लोगों का विश्वास बना रहेगा।


बैंक और एनबीएफसी के बीच संकट का खतरा

हाल ही में जारी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में आरबीआई ने चिंता व्यक्त की है कि एनबीएफसी अभी भी अधिकांश फंड बैंकों से लेते हैं। इससे बैंक और एनबीएफसी के बीच संकट फैलने का खतरा बढ़ गया है। यदि एक क्षेत्र में समस्या उत्पन्न होती है, तो इसका प्रभाव दूसरे क्षेत्र पर भी पड़ सकता है।


अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन में वृद्धि

एसेट गुणवत्ता के संकेत मिश्रित हैं। माइक्रो फाइनेंस क्षेत्र में दबाव बना हुआ है। फिनटेक कंपनियों के माध्यम से छोटे अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर उन कर्जदारों में जो कई जगहों से लोन ले चुके हैं। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि तेजी से वृद्धि के बावजूद गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।


सामान्य प्रश्न

सवाल: आरबीआई ने एनबीएफसी प्रमुखों के साथ मीटिंग में क्या कहा?
जवाब: आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अच्छी अंडरराइटिंग और एसेट गुणवत्ता पर ध्यान दें। नैतिक तरीके से काम करें और जिम्मेदारी से लोन दें।


सवाल: एनबीएफसी और बैंकों के बीच क्या खतरा है?
जवाब: एनबीएफसी अधिकतर फंड बैंकों से लेते हैं, जिससे संकट फैलने का खतरा बना रहता है।


सवाल: आरबीआई की चेतावनी का आम कर्जदारों पर क्या असर होगा?
जवाब: यदि एनबीएफसी जिम्मेदार लेंडिंग अपनाते हैं, तो अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले कर्जदारों को बेहतर ब्याज दर पर लोन मिल सकेगा।