आरटीओ सोना चंदेल: कानून के प्रति प्रतिबद्धता से बनीं 'लेडी सिंघम'

हिमाचल प्रदेश की आरटीओ सोना चंदेल ने अपने सरकारी वाहन और पति की स्कूटी का चालान काटकर कानून के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया है। उन्हें 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जाना जा रहा है। उनके इस कदम ने लोगों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। जानें उनके कार्यों और प्रभावशाली रिकॉर्ड के बारे में।
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आरटीओ सोना चंदेल: कानून के प्रति प्रतिबद्धता से बनीं 'लेडी सिंघम'

आरटीओ सोना चंदेल की अनुशासनप्रियता

आरटीओ सोना चंदेल: कानून के प्रति प्रतिबद्धता से बनीं 'लेडी सिंघम'

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की आरटीओ सोना चंदेल इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्हें 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जाना जा रहा है। यह उपाधि उन्हें उनके द्वारा काटे गए चालानों के कारण मिली है। उन्होंने अपने सरकारी वाहन और अपने पति की स्कूटी का चालान किया है, जिससे उनकी प्रशंसा हो रही है। लोग मानते हैं कि उन्होंने यह साबित कर दिया है कि कानून सभी के लिए समान है। आइए जानते हैं कि उन्होंने अपने वाहनों का चालान क्यों और कब किया।

सरकारी गाड़ी का चालान काटने का मामला
दरअसल, यह घटना पिछले महीने की है, जब आरटीओ सोना चंदेल काला अंब क्षेत्र में वाहनों की नियमित जांच के लिए निकली थीं। इस दौरान, बैरियर स्टाफ भी निजी वाहनों का उपयोग कर रहा था। जांच के दौरान, एक कर्मचारी ने धीमी आवाज में कहा कि मैडम, आपके सरकारी वाहन HP 63 C-7365 का प्रदूषण प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका है। यह सुनते ही उन्होंने तुरंत अपने सरकारी वाहन का 500 रुपये का चालान काट दिया और बाद में प्रदूषण प्रमाणपत्र भी बनवाया।

पति की स्कूटी का चालान
इससे पहले भी, उन्होंने अपने पति की स्कूटी का 3,000 रुपये का चालान काटा था, जो हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अभियान के दौरान हुआ था। उन्होंने यह राशि अपनी जेब से अदा की थी। आरटीओ सोना चंदेल का कार्य रिकॉर्ड बहुत प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 2024-25 में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी और इस दौरान लगभग ढाई करोड़ रुपये सरकार के खजाने में जमा कराए थे।