आर. प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस चैंपियनशिप जीतकर रचा इतिहास
आर. प्रज्ञानानंदा की ऐतिहासिक जीत
भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस चैंपियनशिप का खिताब जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। फाइनल में उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर यह उपलब्धि हासिल की, जिससे वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। 20 वर्षीय प्रज्ञानानंदा ने इस खिताब के साथ एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार किया है। टूर्नामेंट के अंतिम दिन, वह 15 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थे, लेकिन निर्णायक मैच में क्लासिकल राउंड जीतकर उन्होंने 3 अंक प्राप्त किए और कुल 18 अंकों के साथ चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम की।
प्रधानमंत्री मोदी की बधाई
नॉर्वे चेस चैंपियनशिप में जीत के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने प्रज्ञानानंदा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह एक अद्भुत उपलब्धि है जो उनकी मेहनत और समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने प्रज्ञानानंदा के भविष्य के मैचों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
प्रज्ञानानंदा की शानदार वापसी
प्रज्ञानानंदा ने इस टूर्नामेंट में दूसरी बार भाग लिया और उनकी शुरुआत धीमी रही। लेकिन प्रतियोगिता के दूसरे भाग में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। उनका सबसे यादगार पल तब आया जब उन्होंने विश्व के नंबर-वन खिलाड़ी और सात बार के नॉर्वे चेस विजेता मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल चेस में दो बार हराया। अंतिम राउंड से पहले, अमेरिकी खिलाड़ी वेस्ली सो 15.5 अंकों के साथ शीर्ष पर थे, लेकिन उनके अंतिम मैच का परिणाम ड्रॉ रहा, जिससे प्रज्ञानानंदा के लिए जीत का रास्ता खुल गया।
