आयुष मलिक का धर्मांतरण मामला: परिवार और पुलिस की जांच में क्या सामने आया?
आयुष मलिक का मामला
उत्तर प्रदेश के शामली में आयुष मलिक के धर्मांतरण और निकाह का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। आयुष इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता का मामला मानते हैं, जबकि उनका परिवार इसे एक सुनियोजित साजिश और संपत्ति विवाद से जोड़कर देख रहा है। कहा जा रहा है कि आयुष एक पाकिस्तानी मौलाना के यूट्यूब चैनल से प्रभावित हुए हैं। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
आयुष मलिक की पहचान
आयुष मलिक एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से हैं। उनके पिता, देवराज मलिक, दवा उद्योग में सक्रिय हैं और परिवार के पास काफी संपत्ति है। आयुष परिवार के इकलौते बेटे हैं, जबकि उनकी तीन बहनें शादीशुदा हैं। आयुष का कहना है कि उन्हें पिछले आठ वर्षों से इस्लाम में रुचि थी और उन्होंने स्कूल में छिपकर इस्लाम का अध्ययन किया।
धर्मांतरण विवाद की शुरुआत
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब परिवार ने आरोप लगाया कि आयुष का धर्मांतरण एक साजिश के तहत किया गया है। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। आयुष का कहना है कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया है और उन पर कोई दबाव नहीं था।
इस्लाम में रुचि का इतिहास
आयुष का कहना है कि उन्हें स्कूल के दिनों से इस्लाम में रुचि थी। उन्होंने इस विषय पर गहराई से अध्ययन किया और बाद में अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया। पुलिस के अनुसार, आयुष की मुलाकात जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच संबंध बने।
पुलिस जांच की प्रगति
शामली पुलिस ने धर्मांतरण, विवाह, संपत्ति विवाद और साजिश के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। देवराज मलिक का आरोप है कि उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाकर उसका ब्रेनवॉश किया गया है।
पिता का बयान
आयुष के पिता, देवराज मलिक, ने कहा कि उनके बेटे का ब्रेनवॉश किया गया है और उसे संपत्ति के कारण निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें तब शक हुआ जब आयुष ने दाढ़ी बढ़ानी शुरू की। परिवार अब कानूनी कार्रवाई की योजना बना रहा है।
संपत्ति विवाद का मुद्दा
पुलिस और परिवार का कहना है कि विवाद का एक बड़ा कारण संपत्ति है। आरोप है कि निकाह के बाद संपत्ति को लेकर दबाव बनाया गया। हालांकि, इस पर जांच अभी जारी है।
सोशल मीडिया पर विवाद
इस मामले से जुड़े वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए हैं। अब यह मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। आयुष इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता मानते हैं, जबकि उनका परिवार इसे साजिश से जोड़ता है।
