आयकर रिफंड प्राप्त करने की प्रक्रिया और समयसीमा

आयकर रिफंड प्राप्त करने की प्रक्रिया और समयसीमा को समझना करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है। जानें कि आयकर विभाग रिफंड को कितने समय में प्रोसेस करता है और किन कारणों से देरी हो सकती है। इस लेख में, हम आपको रिफंड प्रक्रिया के चरणों के बारे में जानकारी देंगे, जिससे आप अपने रिफंड की उम्मीद कर सकें।
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आयकर रिफंड प्राप्त करने की प्रक्रिया और समयसीमा

आयकर रिफंड की प्रक्रिया

करदाताओं के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि वे अपनी आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने के बाद कब अपने रिफंड की उम्मीद कर सकते हैं। कई लोग इस प्रक्रिया के समय और आयकर विभाग द्वारा रिफंड जारी करने में लगने वाले समय के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।


आयकर विभाग आमतौर पर करदाताओं द्वारा ITR की पुष्टि करने के बाद 7 से 21 कार्य दिवसों के भीतर प्रक्रिया शुरू करता है।


आयकर विभाग के अनुसार, रिफंड को करदाता के बैंक खाते में क्रेडिट करने में लगभग 4 से 5 सप्ताह का समय लगता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि रिफंड प्रक्रिया केवल तब शुरू होती है जब करदाता अपनी रिटर्न को ई-वेरीफाई करता है। जिन करदाताओं के बैंक खाते पहले से मान्य होते हैं, उनके लिए यह प्रक्रिया अधिक तेज होती है।


रिफंड में देरी तब होती है जब करदाता के खाते या बैंक विवरण में दी गई जानकारी से मेल नहीं खाता।


आयकर विभाग करदाताओं को सलाह देता है कि यदि उन्हें 4 से 5 सप्ताह के भीतर रिफंड प्राप्त नहीं होता है, तो वे अपने ईमेल में किसी भी विसंगति नोटिस की जांच करें।


ITR रिफंड की प्रक्रिया इस प्रकार है:


व्यक्ति को अपनी आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करनी होती है।


रिटर्न दाखिल करने के बाद इसे ई-वेरीफाई करना आवश्यक है।


इसके बाद आयकर विभाग प्रक्रिया शुरू करता है।


यदि सभी विवरण सही मेल खाते हैं, तो करदाता को रिफंड प्राप्त होता है।