आम आदमी पार्टी में विवाद: आतिशी ने राघव चड्ढा पर उठाए सवाल

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने राघव चड्ढा की आलोचना की है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय संकट के मुद्दों पर चड्ढा की चुप्पी पर सवाल उठाए। आतिशी ने एलपीजी गैस की कमी और चुनाव आयोग के दुरुपयोग के बारे में चिंता व्यक्त की। इसके अलावा, अनुराग ढांडा ने चड्ढा को उनके उपनेता पद से हटाए जाने के बाद जवाब दिया। यह विवाद पार्टी के भीतर गहराई से फैला हुआ है, जो आम नागरिकों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को उजागर करता है।
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आम आदमी पार्टी में विवाद: आतिशी ने राघव चड्ढा पर उठाए सवाल

आतिशी की राघव चड्ढा पर आलोचना

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और विपक्ष की प्रमुख आतिशी ने शुक्रवार को अपने सहयोगी राघव चड्ढा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि चड्ढा राष्ट्रीय संकट के समय, जैसे कि एलपीजी गैस की गंभीर कमी, पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। आतिशी ने चड्ढा पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करने में हिचकिचाने का आरोप लगाया।


चुनाव आयोग और संविधान का संकट

एक वीडियो साझा करते हुए आतिशी ने कहा कि उनके पास चड्ढा से कुछ महत्वपूर्ण सवाल हैं। उन्होंने बताया कि देश एक गंभीर संकट का सामना कर रहा है और संविधान को खतरा है। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का दुरुपयोग हो रहा है, लेकिन चड्ढा इस पर कोई सवाल नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब टीएमसी और अन्य विपक्षी दल महाभियोग प्रस्ताव लाते हैं, तो चड्ढा उस पर हस्ताक्षर करने से कतराते हैं।


आर्थिक संकट और आम नागरिक

आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए आतिशी ने कहा कि आज आम आदमी के लिए सबसे बड़ी समस्या एलपीजी गैस की कमी है। उन्होंने कहा कि चड्ढा एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं, इसलिए शायद उन्हें इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता, जबकि आम नागरिक अपने बच्चों के लिए खाना पकाने में संघर्ष कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को तय करना होगा कि वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैं या संविधान और लोकतंत्र के साथ।


अनुराग ढांडा का जवाब

आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चड्ढा कई वर्षों से डरे हुए हैं और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलने में हिचकिचाते हैं। चड्ढा ने पहले पार्टी की आलोचना की थी और कहा कि उनकी चुप्पी को हार नहीं माना जाना चाहिए।