आम आदमी पार्टी में बढ़ता संकट: राघव चड्ढा की सुरक्षा वापस, नए उपनेता पर छापा
आम आदमी पार्टी में संकट का नया मोड़
आम आदमी पार्टी के भीतर संकट अब स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आ गया है। हाल ही में, पार्टी ने अपने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया और उनकी सुरक्षा भी पिछले सप्ताह वापस ले ली। इसके बाद, केंद्र सरकार ने राघव चड्ढा को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की। यह मामला तब और तूल पकड़ गया जब अशोक कुमार मित्तल, जिन्हें राघव चड्ढा की जगह उपनेता बनाया गया था, के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापा मारा। इस प्रकार, राघव चड्ढा को मोदी सरकार से सुरक्षा मिली है जबकि नए उपनेता को ईडी ने घेर लिया है।
आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम से आम आदमी पार्टी में हड़कंप मच गया है। पार्टी ने अशोक कुमार मित्तल के ठिकानों पर छापे को राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम बताते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही, राघव चड्ढा को भी विश्वासघाती करार दिया गया है।
ईडी की कार्रवाई का विवरण
आज सुबह, प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब और हरियाणा में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य अशोक कुमार मित्तल से जुड़े कई स्थानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून के तहत की गई। जालंधर और गुरुग्राम में लगभग दस स्थानों पर छापे मारे गए, जिनमें लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से जुड़े परिसर भी शामिल थे। अशोक कुमार मित्तल इस विश्वविद्यालय के चांसलर हैं। पार्टी के नेताओं ने इस कार्रवाई को चुनावों से पहले की राजनीतिक चाल बताया है।
पार्टी नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि चुनावों से पहले राजनीतिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता इसका जवाब देगी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस कार्रवाई की निंदा की और इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बताया।
भाजपा का पलटवार
भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मामले में पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आम आदमी पार्टी को भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए कहा कि जांच एजेंसियां केवल भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।
राघव चड्ढा का बचाव
आम आदमी पार्टी के भीतर विवाद तब शुरू हुआ जब राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया गया। यह पद उनके लिए महत्वपूर्ण था और उन्हें पार्टी का प्रमुख चेहरा माना जाता था। आरोप लगाए गए कि उन्होंने पार्टी की नीति के खिलाफ काम किया और कई मौकों पर अनुपस्थित रहे। हालांकि, राघव चड्ढा ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
आगामी चुनावों का महत्व
पंजाब में आगामी चुनावों के मद्देनजर यह घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। पार्टी के भीतर असंतोष और मतभेद हैं, वहीं केंद्र सरकार की एजेंसियों की कार्रवाई स्थिति को और जटिल बना रही है। आम आदमी पार्टी के सामने संगठनात्मक एकता बनाए रखने और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने की दोहरी चुनौती है।
