आदिवासी अधिकारों के लिए महापंचायत की महत्वपूर्ण पहल
महापंचायत का आयोजन और मांगें
धौलपुर में आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने आदिवासी समुदाय की पहचान और अधिकारों को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। जिला अध्यक्ष रामेश्वर दयाल मीना खिन्नोट के नेतृत्व में, संभागीय आयुक्त, भरतपुर के माध्यम से राजस्थान के राज्यपाल को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
इस ज्ञापन में मुख्य मांग यह है कि आगामी जनगणना-2026 में आदिवासी समुदाय के लिए एक पृथक कॉलम बनाया जाए, जिससे उनकी वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और अधिकारों का सही आकलन किया जा सके। महापंचायत ने यह भी बताया कि वर्तमान व्यवस्था में आदिवासियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा।
ज्ञापन में ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि ब्रिटिश शासन के दौरान आदिवासियों की अलग गणना होती थी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी पहचान को मान्यता प्राप्त है।
महापंचायत के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस मांग पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आदिवासी समाज में असंतोष बढ़ सकता है। राज्यपाल से अनुरोध किया गया कि वे इस मांग को केंद्र सरकार और राष्ट्रपति तक अपनी सिफारिश के साथ भेजें।
इस कार्यक्रम में समाज के कई प्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। अंत में, जिला अध्यक्ष ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी अधिकारों के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
यह ज्ञापन महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा और प्रदेश अध्यक्ष श्री पृथ्वीराज मीणा के निर्देशानुसार प्रस्तुत किया गया।
पृथक कॉलम से न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल सकेगा, बल्कि समाज के समग्र विकास के लिए नीतियों को भी अधिक प्रभावी ढंग से तैयार किया जा सकेगा।
इस अवसर पर रामलखन मीणा, श्याम मीणा, चन्द्रशेखर मीना, अजय मीणा (कासोठीखेरा), चरत मीणा (कंचनपुरा), राजकुमार मीना (बथुआखोह), हरिनारायण, सोबरन सिंह मीना खेमरी, मंगल सिंह मीना बरोली, मोहन, मनोज (करौली), उदयसिंह (करौली), विजय सिंह, संजय, भीम सिंह, सहदेव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अंत में, जिला अध्यक्ष रामेश्वर दयाल मीना ने सभी कार्यकर्ताओं और समाज के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के अधिकारों के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
