आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर साधा निशाना, राम मंदिर चंदा चोरी का मामला गरमाया

शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर राम मंदिर में चंदा चोरी का आरोप लगाते हुए तीखे बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अब 'बाबर जनता पार्टी' बन गई है और समान नागरिक संहिता का मुद्दा उठाकर ध्यान भटका रही है। उद्धव ठाकरे ने भी 'राम रक्षा' आंदोलन की शुरुआत की है, जिसमें उन्होंने हिंदुओं को लूटने वाले लोगों के खिलाफ आवाज उठाई। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल का गठन किया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
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आदित्य ठाकरे का भाजपा पर हमला

शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर भाजपा को कठोर शब्दों में जवाब दिया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने भाजपा पर तीखे आरोप लगाए।


भगवान राम की रक्षा का दावा

आदित्य ठाकरे ने कहा, "हम भगवान राम की रक्षा भाजपा से कर रहे हैं। भाजपा अब 'बाबर जनता पार्टी' बन गई है। यह पार्टी राम मंदिर की कथित लूट से ध्यान भटकाने के लिए समान नागरिक संहिता का मुद्दा उठा रही है। हम इसे नहीं होने देंगे। आइए यूसीसी पर चर्चा करें और हम इसका समर्थन करेंगे। सुप्रीम कोर्ट को राम मंदिर में हुई इस कथित लूट की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।"


उद्धव ठाकरे का 'राम रक्षा' आंदोलन

उद्धव ठाकरे ने 5 जुलाई को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी के खिलाफ 'राम रक्षा' आंदोलन की शुरुआत की। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग हिंदुओं को लूट रहे हैं। इस आंदोलन के तहत उन्होंने मध्य मुंबई के दादर में हनुमान मंदिर में 'हनुमान स्तोत्र' और 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया। जनसभा में उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।


काशी और मथुरा की चिंता

शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख ने 'अयोध्या तो झांकी है, काशी-मथुरा अभी बाकी हैं' जैसे मशहूर नारे का जिक्र करते हुए चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अयोध्या की स्थिति देखकर उन्हें काशी और मथुरा के भविष्य की चिंता हो रही है। उद्धव ने कहा कि हम निडर और देशभक्त हिंदू हैं, लेकिन मूर्ख नहीं हैं।


राम मंदिर चंदा चोरी का मामला

राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी का मामला 7 जून को सामने आया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने इस मामले में मंदिर के चढ़ावे की सुरक्षा और पैसों की गिनती करने वाली टीम के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।