आदित्य ठाकरे ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर उठाए सवाल

शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भाजपा सरकार पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद दी जाएगी और FIR वापस लेने की मांग की। ठाकरे ने MH-CET परीक्षा में गड़बड़ियों पर भी सवाल उठाए और सरकार पर ऑनलाइन विरोध को दबाने का आरोप लगाया। उनके बयान तब आए जब संजय राउत ने केंद्र सरकार की आलोचना की। यह स्थिति छात्रों के लिए चिंताजनक बनी हुई है।
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छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर शिवसेना (UBT) का विरोध

शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य स्तर पर भाजपा की सरकारें उन छात्रों को निशाना बना रही हैं, जिन्होंने परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों को कानूनी सहायता का आश्वासन दिया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए ठाकरे ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का आश्वासन मिलने के बावजूद, कई राज्यों में छात्र अब भी कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।




ठाकरे ने कहा कि पिछले दस दिनों से कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें युवा छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। यह गुस्सा सरकार के खिलाफ है। हमें बताया गया था कि FIR वापस ले ली जाएंगी। हमने कई स्थानों पर छात्रों की मदद की है और शिवसेना (UBT) ने यह निर्णय लिया है कि हम उनके मामलों को मुफ्त में लड़ेंगे। मुख्यमंत्री को FIR वापस लेनी चाहिए। यदि किसी को नोटिस मिलता है, तो उसे हमें भेजें। कई वकील ये मामले मुफ्त में लड़ने के लिए तैयार हैं।




उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया और ज़िम्मेदारी तय करने की मांग की। ठाकरे ने कहा, "छात्रों पर AK-47 और अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया गया। हम उन लोगों पर नज़र रखेंगे जिन्होंने अत्यधिक लाठीचार्ज किया। भाजपा का शासन युवाओं के खिलाफ है।" एंट्रेंस परीक्षा में गड़बड़ियों पर चिंता जताते हुए ठाकरे ने MH-CET परीक्षा प्रक्रिया को लेकर महाराष्ट्र सरकार से सवाल भी किए।




उन्होंने पूछा कि क्या MH-CET में कोई घोटाला हुआ है या नहीं? मुख्यमंत्री को इस पर स्पष्ट रूप से कुछ कहना चाहिए। कई छात्रों को नुकसान हो रहा है। जब प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी, तो क्या होगा? ठाकरे ने सरकार पर ऑनलाइन विरोध की आवाज़ को दबाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया और कहा कि अधिकारी विरोध प्रदर्शन से संबंधित सोशल मीडिया सामग्री को हटाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके ये बयान तब आए जब शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने छात्र विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। राउत ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर भाजपा में अपराधियों का स्वागत किया जाता है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध करने वाले छात्रों को आपराधिक मामलों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है।