आजमगढ़ में हत्याकांड: पत्नी, बेटे और पुजारियों की हत्या के बाद आरोपी का एनकाउंटर

आजमगढ़ में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की हत्या कर दी और बाद में अपने बच्चों को बंधक बना लिया। पुलिस के साथ मुठभेड़ में आरोपी घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस घटना में कुल पांच लोगों की जान गई। जानें इस खौफनाक घटना के पीछे की कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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आजमगढ़ में हुई खौफनाक घटना


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मंगलवार की शाम एक भयावह घटना सामने आई। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी बबीता सिंह और पूजा कराने आए दो पुजारियों, महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने बच्चों को बंधक बना लिया।


पुलिस के साथ मुठभेड़

पुलिस के साथ लगभग 7-8 घंटे तक चली मुठभेड़ के दौरान, अरविंद ने अपने बेटे को भी गोली मार दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उसके बेटे की भी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।


विवाद की पृष्ठभूमि

परिवार के अनुसार, अरविंद के भाई की हत्या 2019 में हुई थी। परिवार में आत्मा या साये के प्रति अंधविश्वास था, जिसके चलते मां और पत्नी ने घर में विशेष पूजा-पाठ का आयोजन किया था। अरविंद इस पूजा के खिलाफ था। मंगलवार शाम जब वह घर लौटा और पूजा होते देखा, तो वह भड़क गया। उसने पुजारियों से आधार कार्ड मांगा और बहस के बाद लाइसेंसी हथियार से फायरिंग शुरू कर दी।


बंदूक की नोक पर बंधक

हत्या के बाद, अरविंद तीन बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने घर को चारों ओर से घेर लिया। बार-बार आत्मसमर्पण के लिए कहने के बावजूद, उसने गोलीबारी जारी रखी। पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का उपयोग कर घर में प्रवेश किया। मुठभेड़ में अरविंद और उसका बेटा घायल हुए, और दोनों की अस्पताल में मौत हो गई। दो बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।


मौतों का आंकड़ा

इस घटना में कुल पांच लोगों की जान गई - पत्नी, दो पुजारी, बेटा और खुद आरोपी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।