आजमगढ़ में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
साइबर अपराधियों का गिरोह पकड़ा गया
आजमगढ़ की साइबर अपराध पुलिस ने टेलीग्राम ऐप के माध्यम से काम करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही लाखों रुपये और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, पिछले साल 18 सितंबर को गंगापुर गांव के निवासी भूपेंद्रनाथ यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को टेलीग्राम पर एक समूह में जोड़ा गया था, जहां सदस्यों ने दावा किया कि वे वू-कामर्स नामक कंपनी के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने फर्जी वेबसाइट पर धन निवेश करने का लालच दिया।
यादव ने आरोप लगाया कि ठगों ने उनके बेटे से 12.64 लाख रुपये की ठगी की और अधिक मुनाफे के लालच में कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए। आजमगढ़ साइबर अपराध थाने में दर्ज मामले की जांच के दौरान, अक्टूबर 2025 में चार अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था।
जांच के दौरान, 14 जनवरी को गिरोह के दो सदस्यों अभिषेक गुप्ता (30) और शाश्वत अवस्थी (28) को लखनऊ के गोमती नगर और जानकीपुरम से पकड़ा गया।
पुलिस ने बताया कि गुप्ता पर शक है कि वह 10-15 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी चीन में बैठे आकाओं को भेजता था। वह गिरोह का मुख्य 'ऑपरेटर' है और चीनी साइबर अपराधियों के साथ सीधे संपर्क में है।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के पास से 6.32 लाख रुपये, 11 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों के 12 एटीएम कार्ड, नौ चेकबुक, दो पासबुक, नेपाल से जारी एक विदेशी सिम कार्ड, एक नोट गिनने वाली मशीन, बैंक से जुड़े दस्तावेज, एक मुहर और एक कार बरामद की गई है।
