आजम खान को जौहर यूनिवर्सिटी मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गाजियाबाद की विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें रामपुर जेल से रिहा होने के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया। इस मामले में ED की जांच जारी है, जिसमें यूनिवर्सिटी की फंडिंग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा रही है। आजम खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं, और उनकी आगे की कानूनी स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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गाजियाबाद में आजम खान की गिरफ्तारी


गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को जौहर यूनिवर्सिटी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत नहीं मिली है। गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने 1 नवंबर 2026 को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। अब आजम खान को गाजियाबाद की डासना जेल में रखा जाएगा। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें शनिवार को रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद गिरफ्तार किया।


जेल से रिहाई के तुरंत बाद गिरफ्तारी

आजम खान शनिवार शाम को लगभग 11 महीने बाद रामपुर जेल से बाहर आए थे। उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट से दो पैन कार्ड मामलों में राहत मिली थी। उनके साथ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी रिहा हुए थे। परिवार और समर्थकों को उम्मीद थी कि आजम खान घर लौटेंगे, लेकिन जेल के बाहर ED की टीम ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया।


यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई। गिरफ्तारी के बाद, ED की टीम उन्हें पूछताछ के लिए अपने कार्यालय ले गई।


विशेष अदालत में पेशी

रविवार को, ED की टीम ने आजम खान को कड़ी सुरक्षा के बीच गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया। अदालत परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। उनकी पेशी की जानकारी मिलने पर समर्थक और स्थानीय लोग भी वहां इकट्ठा हुए।


सुनवाई के दौरान, ED ने जौहर यूनिवर्सिटी की फंडिंग और उससे जुड़े पैसों के लेन-देन की जांच का हवाला देते हुए आजम खान से पूछताछ की आवश्यकता बताई। जांच एजेंसी ने अदालत से 14 दिन की कस्टडी मांगी थी, लेकिन अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।


जौहर यूनिवर्सिटी की फंडिंग की जांच

यह मामला रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से संबंधित है। ED यूनिवर्सिटी के निर्माण, फंडिंग और उसमें इस्तेमाल की गई धनराशि के स्रोत की जांच कर रही है। एजेंसी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन का कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले सामने आए हैं।


ED इस मामले में पैसों के लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों की जांच कर रही है। एजेंसी ने अदालत में भी फंडिंग और मनी ट्रेल से जुड़े पहलुओं को उठाया। हालांकि, जांच एजेंसी के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।


डासना जेल में आजम खान

अदालत के आदेश के बाद, आजम खान को गाजियाबाद की डासना जिला जेल भेजा जाएगा। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखा गया है। इस घटनाक्रम के बाद, उनकी जेल से रिहाई के कुछ ही समय बाद दोबारा हिरासत में पहुंचने की स्थिति ने राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है।


अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और ED की जांच पर नजर रहेगी। जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन के मामले में आजम खान की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं।