आगरा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

आगरा के ताजगंज क्षेत्र में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि 15 राज्यों से 100 से अधिक शिकायतें मिली थीं। आरोपियों ने एक नकली कंपनी बनाई थी और पंजीकरण के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते थे। अब तक ढाई हजार से अधिक लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा

आगरा (उत्तर प्रदेश) में, ताजगंज क्षेत्र में पुलिस ने रविवार को एक नकली कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने इस घटना की जानकारी दी।


पुलिस के अनुसार, ये आरोपी बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। ताजगंज थाने की साइबर टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आदित्य ने बताया कि 15 राज्यों से 100 से अधिक शिकायतें मिली थीं, जिनमें लोगों ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप लगाया था। इन शिकायतों के आधार पर जांच की गई, जिससे फर्जी कॉल सेंटर का पता चला।


आरोपियों की ठगी का तरीका

आरोपियों ने एक नकली कंपनी स्थापित की थी और नौकरी के विज्ञापन भी जारी किए थे। उन्होंने बताया कि कॉल सेंटर से काम करने वाली महिलाएं लोगों को गार्ड, सुपरवाइजर या अन्य पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देती थीं। कई लोग नौकरी पाने की लालच में फंस जाते थे।


पंजीकरण के नाम पर उनसे लगभग दो हजार रुपये लिए जाते थे। इसके बाद, वर्दी और अन्य सामान के लिए आठ हजार रुपये और नियुक्ति प्रमाण पत्र के लिए 10 हजार रुपये की मांग की जाती थी।


ठगी का शिकार हुए लोग

डीसीपी ने बताया कि अब तक की पूछताछ में यह सामने आया है कि ढाई हजार से अधिक लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 32 पासबुक, 28 एटीएम कार्ड, 12 क्यूआर कोड और विभिन्न दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक तरुण बिहार का निवासी है, जबकि दूसरा अजय जौनपुर का रहने वाला है।


पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश कर रही है।