आगरा में क्रिप्टो करेंसी ठगी के मामले में दो गिरफ्तार

आगरा में पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर 100 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर सेमिनार आयोजित किए और लोगों को धोखा दिया। जांच में पता चला है कि उन्होंने विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों से पैसे हड़पे हैं। इस मामले में एक अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि चार अन्य फरार हैं।
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आगरा में क्रिप्टो करेंसी ठगी के मामले में दो गिरफ्तार

क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर ठगी

आगरा में पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश के बहाने 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।


अपर पुलिस उपायुक्त आदित्य ने रविवार को जानकारी दी कि आरोपियों, विनोद और विनय, को दो दिन पहले पूछताछ के लिए नोएडा से लाया गया था। सबूत मिलने के बाद, उन्हें शनिवार शाम को साइबर थाने में गिरफ्तार कर लिया गया।


विनोद बागपत का निवासी है, जबकि विनय लखनऊ का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि दोनों ने क्रिप्टो करेंसी के नाम पर एक फर्जी वेबसाइट बनाई और 2019, 2020 और 2021 के बीच बड़े होटलों में सेमिनार आयोजित किए, जहां लोगों को आकर्षित किया गया।


इन सेमिनारों में लोगों को क्रिप्टो मुद्रा में निवेश करने और उनकी राशि को कई गुना बढ़ाने का लालच दिया गया। अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि कई लोग उनके झांसे में आ गए और उन्होंने निवेश किया।


आगरा में लगभग 1,500 लोगों से निवेश कराया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के निवासियों से लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश किया गया और यह राशि हड़प ली गई।


अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का एक साथी अजय पहले ही आगरा पुलिस द्वारा जेल भेजा जा चुका है, जबकि उनके चार अन्य साथी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।