आगरा में आधार कार्ड में उम्र में धोखाधड़ी से मिली वृद्धावस्था पेंशन
आधार कार्ड में उम्र में गड़बड़ी का मामला
आगरा के बाह क्षेत्र में एक ग्राम प्रधान की बहू ने आधार कार्ड में अपनी उम्र 65 वर्ष दर्शाकर वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त की, जबकि वोटर लिस्ट में उसकी उम्र 29 वर्ष बताई गई है। यह मामला तब उजागर हुआ जब यह पता चला कि बहू अपनी सास से 16 वर्ष बड़ी दिखाई गई है, जिसके बाद जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
पेंशन के लिए गलत जानकारी का उपयोग
आगरा में वृद्धावस्था पेंशन पाने की इच्छा में एक महिला प्रधान की बहू ने आधार कार्ड में 65 वर्ष की जन्मतिथि दर्ज कर पेंशन के लिए आवेदन किया। इसके बाद उसे पेंशन का लाभ भी मिला। इस मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की गई है, जिन्होंने जांच के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायत तरासों का मामला
विकास खंड बाह की ग्राम पंचायत तरासों की प्रधान मूला देवी हैं, और उनकी बहू गौरी देवी की आधार कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी, 1961 है, जबकि वोटर लिस्ट में उनकी उम्र 29 वर्ष है। मूला देवी का जन्म वर्ष 1977 है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बहू का जन्म सास से 16 वर्ष पहले हुआ है। गौरी देवी ने जनवरी 2022 में गलत उम्र बताकर वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया।
जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया
इसके बाद विकास खंड ने नवंबर 2022 में सत्यापन किया। समाज कल्याण विभाग ने उनके खाते में पेंशन की अंतिम किस्त 27 जून, 2025 को जारी की। ग्रामीणों को इस मामले की जानकारी मिली, और तरासों के निवासी सतीश कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत कर जांच की मांग की।
समाज कल्याण अधिकारी विजय लक्ष्मी मौर्या ने बताया कि पहले आयु की गणना आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि से की जाती थी। यदि जांच में गलत तरीके से लाभ लेने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम प्रधान का बयान
तरासों की ग्राम प्रधान मूला देवी ने कहा कि बहू की आधार कार्ड में उम्र हमेशा से यही रही है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्हें पेंशन मिलने की जानकारी नहीं है और उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन के लिए कोई आवेदन नहीं किया है।
