आक पौधे के अद्भुत लाभ और सावधानियाँ
आक पौधे की पहचान और उपयोग
आक या अर्क का पौधा सामान्यतः हर जगह पाया जाता है, लेकिन इसके उपयोग के बारे में बहुत से लोगों को जानकारी नहीं होती। यह पौधा शुष्क और ऊँची भूमि पर आसानी से देखा जा सकता है।
सामान्य धारणा के अनुसार, आक का पौधा विषैला माना जाता है और इसे मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक समझा जाता है। हालांकि, यह सच है कि आयुर्वेद में इसे उपविषों में शामिल किया गया है। यदि इसे अत्यधिक मात्रा में लिया जाए, तो यह उल्टी और दस्त का कारण बन सकता है। आक के रासायनिक विश्लेषण से पता चलता है कि इसकी जड़ और तने में कई हानिकारक तत्व होते हैं, लेकिन उचित मात्रा में और विशेषज्ञ की देखरेख में इसका सेवन कई रोगों के लिए लाभकारी हो सकता है।
आक के पौधे का स्वरूप और पहचान
इसका रूप, रंग, पहचान :
आक एक औषधीय पौधा है, जिसे मदार या मंदार भी कहा जाता है। इसका आकार छोटा और शाखाओं वाला होता है। इसके पत्ते मोटे और हरे होते हैं, जो पकने पर पीले हो जाते हैं।
इसका फूल सफेद और छोटा होता है, जिसमें रंगीन चित्तियाँ होती हैं। आक के फल आम के समान होते हैं और इनमें रूई होती है। गर्मियों में यह रेतिली भूमि पर उगता है और बारिश के मौसम में सूख जाता है।
आक के 9 अद्भुत फ़ायदे
इसके 9 अद्भुत फ़ायदे :
- शुगर और बाहर निकला पेट: आक की पत्तियों को उल्टा करके पैर के तलवे से सटा कर मोजा पहनने से शुगर लेवल सामान्य हो जाता है।
- घाव: आक का हर भाग औषधीय है। इसके कोमल पत्तों को मीठे तेल में जलाकर सूजन पर लगाने से राहत मिलती है।
- खाँसी: आक के पत्तों के धुएँ से बवासीर में आराम मिलता है।
- सिर का दर्द: आक की जड़ की राख को कड़वे तेल में मिलाकर लगाने से खुजली ठीक होती है।
- शीत ज्वर: आक की जड़ को पानी में घिसकर लगाने से नाखूना रोग ठीक होता है।
- गठिया: आक की जड़ को पकाकर गेहूँ के आटे के साथ खाने से गठिया में राहत मिलती है।
- बवासीर के मस्से: आक का दूध लगाने से बवासीर के मस्से कम होते हैं।
- उड़े हुए बाल: आक का दूध लगाने से बाल उग आते हैं।
- जोड़ों में दर्द: आक के फूल और अन्य जड़ी-बूटियों को मिलाकर गोलियाँ बनाकर खाने से दर्द में राहत मिलती है।
आक के हानिकारक प्रभाव
इसके हानिकारक प्रभाव :
- आक का पौधा विषैला होता है। इसकी जड़ की छाल का अधिक सेवन करने से आंतों में जलन और उल्टी हो सकती है। इसके ताजे दूध का अधिक मात्रा में सेवन विष का काम करता है। इसलिए, इसका उपयोग करते समय मात्रा का ध्यान रखना आवश्यक है।
