आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को मिली जान से मारने की धमकी, जमानत सुनवाई में खुद उपस्थित होने का अनुरोध
अमिताभ ठाकुर की सुरक्षा को खतरा
देवरिया जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया है। इस स्थिति को देखते हुए, उन्होंने अपनी जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत में स्वयं उपस्थित होने का अनुरोध किया है।
जमानत याचिका पर सुनवाई
ठाकुर ने शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने शनिवार को होने वाली जमानत सुनवाई में अदालत में पेश होने की मांग की। न्यायाधीश ने उनके आवेदन को जमानत याचिका के साथ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
धमकी भरे नोट की जानकारी
अमिताभ ठाकुर औद्योगिक भूखंड आवंटन मामले में 10 दिसंबर 2025 से जेल में हैं। उनकी जमानत सुनवाई में पहले भी कई बार बाधाएं आई हैं। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि उनके बैरक के बाहर एक कंप्यूटर से टाइप किया हुआ कागज मिला, जिसमें अपशब्दों के साथ जान से मारने की धमकी दी गई थी।
जेल प्रशासन की प्रतिक्रिया
ठाकुर के वकील प्रवीण द्विवेदी ने कहा कि जेल में उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा है। जेल अधीक्षक प्रेम सागर शुक्ला ने बताया कि ठाकुर ने अधिकारियों को धमकी भरे नोट के बारे में सूचित किया है और मामले की जांच जारी है।
अगली सुनवाई की तैयारी
अमिताभ ठाकुर की नियमित जमानत और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत पर शनिवार को सुनवाई होगी। ठाकुर ने अदालत में उपस्थित होकर दोनों मामलों पर तर्क प्रस्तुत करने की इच्छा जताई है, ताकि कोई महत्वपूर्ण तथ्य छूट न जाए। पुलिस और जेल अधिकारियों ने कहा कि धमकी की जांच के परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
