आंध्र प्रदेश में महिला आरक्षण विधेयक पर एनडीए का विरोध प्रदर्शन
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की टेलीकांफ्रेंस
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 24 अप्रैल को एनडीए के विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के साथ एक टेलीकांफ्रेंस का आयोजन किया। इस बैठक में संसद में महिला आरक्षण विधेयक को रोकने के लिए इंडिया ब्लॉक पार्टियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई। उन्होंने इन पार्टियों द्वारा महिलाओं के प्रति किए जा रहे अन्याय की कड़ी निंदा की और राज्यभर में विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया। इस टेलीकांफ्रेंस में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष माधव और मंत्री नादेंडला मनोहर भी उपस्थित थे।
इंडिया ब्लॉक पर आरोप
एनडीए गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और डीएमके जैसे इंडिया ब्लॉक के दलों ने महिला आरक्षण विधेयक को पारित होने से रोका है, जिसे उन्होंने महिलाओं के साथ अन्याय के रूप में देखा। एनडीए ने मतदाताओं से अनुरोध किया है कि वे विपक्षी दलों के इस मुद्दे पर रुख से अवगत रहें। एक बयान में कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, साथ ही राज्य और जिला स्तर पर बैठकें और 'स्त्री शक्ति' शीर्षक से सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रमों का समन्वय
तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), जन सेना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं को इन कार्यक्रमों के समन्वय का कार्य सौंपा गया है। महीने के अंत से पहले राज्य, जिला और मंडल स्तर पर विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है। एनडीए ने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस ने पहले भी महिला आरक्षण विधेयक को रोकने का प्रयास किया था। भाजपा ने राज्यसभा में विधेयक का समर्थन किया था, लेकिन उस समय इसे लोकसभा में पेश नहीं किया गया।
वर्तमान घटनाक्रम
एनडीए ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेश किया गया महिला आरक्षण विधेयक इंडिया ब्लॉक की पार्टियों द्वारा विरोध का सामना कर रहा है, जिन्होंने परिसीमन को एक कारण बताया है। बयान में यह भी कहा गया कि संसदीय सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया से दक्षिणी राज्यों को कोई नुकसान नहीं होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि राज्यों की चिंताओं का समाधान किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर संशोधन पर विचार किया जाएगा।
