आंध्र प्रदेश में पारंपरिक रथ यात्रा को राजकीय उत्सव का दर्जा

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पारंपरिक रथ यात्रा ‘प्रभाला तीर्थम’ को राजकीय उत्सव का दर्जा देने की घोषणा की है। यह उत्सव संक्रांति के दौरान कोनासीमा के जगन्ना थोता गांव में मनाया जाता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस निर्णय से सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जानें इस उत्सव के महत्व और सरकार की योजनाओं के बारे में।
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आंध्र प्रदेश में पारंपरिक रथ यात्रा को राजकीय उत्सव का दर्जा

मुख्यमंत्री ने रथ यात्रा को राजकीय उत्सव घोषित किया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को घोषणा की कि मंत्रिमंडल ने प्राचीन रथ यात्रा ‘प्रभाला तीर्थम’ को राजकीय उत्सव का दर्जा देने का निर्णय लिया है।


यह उत्सव कोनासीमा के जगन्ना थोता गांव में मनाया जाता है, जो संक्रांति के समय होता है और इसमें क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।


नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा, ‘‘कोनासीमा के निवासियों की भक्ति और परंपरा के प्रति सम्मान करते हुए, मंत्रिमंडल ने जगन्ना थोता प्रभाला तीर्थम को राजकीय उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।’’


इस उत्सव के दौरान 11 प्राचीन शिव मंदिरों की मूर्तियों को एकत्रित किया जाता है, जिससे यह आयोजन क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक कार्यक्रमों में से एक बन जाता है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि हर साल लगभग पांच लाख लोग इस आयोजन में शामिल होते हैं और उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से कोनासीमा में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक त्योहारों के संरक्षण में राज्य के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।