आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के नए मामले और ओमिक्रॉन स्वरूप की पुष्टि
कोविड-19 की स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्री का बयान
नई दिल्ली, 28 जुलाई: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को जानकारी दी कि आंध्र प्रदेश में पिछले एक महीने में कोविड-19 के दो नए मामले सामने आए हैं। कडप्पा जिले के नमूनों की जीनोम अनुक्रमण जांच में ओमिक्रॉन के आरएफ.5 स्वरूप की पहचान हुई है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चिंता का विषय नहीं माना है। नड्डा ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि आंध्र प्रदेश सरकार ने 24 जून से 26 जुलाई, 2026 के बीच कोविड-19 के 12 मामलों की रिपोर्ट की है। उन्होंने यह भी बताया कि वाईएसआर कडप्पा जिले में कोविड-19 से तीन मौतें हुई हैं।
इन सभी संक्रमित व्यक्तियों को मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गुर्दे की पुरानी बीमारी और लंबे समय से शराब सेवन जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याएं थीं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) द्वारा की गई जीनोम अनुक्रमण जांच में कडप्पा जिले से प्राप्त कोविड-19 संक्रमित नमूनों में सार्स-कोव-2 के ओमिक्रॉन स्वरूप के आरएफ.5 स्वरूप का अधिक प्रसार देखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डब्ल्यूएचओ ने इस स्वरूप को चिंता वाले स्वरूप (वीओसी), रुचि वाले स्वरूप (वीओआई) या निगरानी वाले स्वरूप (वीयूएम) के रूप में वर्गीकृत नहीं किया है।
नड्डा ने आगे बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम-एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (आईडीएसपी-आईएचआईपी) के माध्यम से कोविड-19, इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियों (आईएलआई) और गंभीर श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) पर निरंतर निगरानी रख रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और केंद्र सरकार कोविड-19 समेत अन्य संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा इन्फ्लुएंजा के प्रसार को देखते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आईएलआई और एसएआरआई की निगरानी बढ़ाने, पर्याप्त जांच सुविधाएं और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) सुनिश्चित करने, अस्पतालों में बढ़ते मरीजों के प्रबंधन की योजना बनाने और नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से चिकित्सकीय और प्रयोगशाला कर्मियों की क्षमता को मजबूत करने की सलाह दी गई है।
