आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय और मातृत्व अवकाश पर सांसदों की मांग

भारतीय जनता पार्टी के सांसद ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को समान करने और उन्हें 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि देश में इन कार्यकर्ताओं की संख्या लगभग 12 लाख 93 हजार है। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर चिंता जताई, जैसे कि रसोई गैस सिलेंडर की कमी और किसानों की उर्वर भूमि का अधिग्रहण। जानें और क्या मुद्दे उठाए गए हैं और सांसदों ने क्या मांग की है।
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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय और मातृत्व अवकाश पर सांसदों की मांग

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय समान करने की मांग

सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक सांसद ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय को समान करने और उन्हें 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने की मांग की। लोकसभा में शून्य काल के दौरान भाजपा के जगदंबिका पाल ने बताया कि देश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की संख्या लगभग 12 लाख 93 हजार है।


उन्होंने कहा, "इन कार्यकर्ताओं के महत्वपूर्ण योगदान के बावजूद, विभिन्न राज्यों में उन्हें मानदेय के रूप में छह हजार, आठ हजार या दस हजार रुपये मिल रहे हैं।"


सरकार से नियमितीकरण की अपील

भाजपा सांसद ने सरकार से अनुरोध किया कि चूंकि ये कार्यकर्ता राष्ट्रीय योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उनके नियमितीकरण पर विचार किया जाना चाहिए। पाल ने यह भी कहा कि वर्तमान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 का लाभ नहीं मिल रहा है।


सपा सांसद का आरोप

समाजवादी पार्टी (सपा) के नारायणदास अहिरवार ने आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र जालौन (उत्तर प्रदेश) में बसौर-बरार समुदाय के लोगों की संख्या शून्य घोषित कर दी गई है, जिससे वे सरकार की कल्याण योजनाओं से वंचित हो गए हैं।


उन्होंने कहा, "एक पत्र में यह उल्लेख किया गया कि जिले में इस जाति के लोगों की संख्या शून्य है।" जब परियोजना निदेशक से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि नौ विकास खंड अधिकारियों ने लिखित में सूचित किया है कि उनके क्षेत्र में बसौर-बरार जाति के लोग निवास नहीं करते।


रसोई गैस सिलेंडर की कमी पर चिंता

सपा के बाबू सिंह कुशवाहा ने देश में रसोई गैस सिलेंडर की कमी का मुद्दा उठाया और कहा कि हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में वृद्धि की गई है, जो पिछले 11 महीनों में दूसरी बार हुई है। इससे आम आदमी की रसोई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।


किसानों की उर्वर भूमि का अधिग्रहण

कांग्रेस के किरसन नामदेव ने छत्तीसगढ़ के गडचिरौली में किसानों की उर्वर भूमि के अधिग्रहण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की उर्वर जमीन छीन ली जाएगी, तो उनके पास खेती के लिए कुछ नहीं बचेगा।


उन्होंने उचित मुआवजे की मांग की।


झुग्गियों के निवासियों की स्थिति

कांग्रेस की वर्षा एकनाथ गायकवाड ने मुंबई में रेल लाइन के किनारे हजारों परिवारों की झुग्गियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 3,150 झोपड़ियों के निवासियों को खाली करने का नोटिस दिया गया है।


उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर निर्मित झुग्गियों के लिए कोई नीति नहीं है और हजारों लोग रक्षा विभाग और रेलवे की जमीन पर निवास कर रहे हैं।


कपास के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की मांग

भाजपा के अनूप संजय धोत्रे ने कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 8,110 रुपये करने की मांग की। उन्होंने कपास उत्पादकों को राहत देने के लिए आयात कर को मौजूदा पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का भी आग्रह किया।


बिहार में कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग

जनता दल (यूनाइटेड) के कौशलेंद्र कुमार ने बिहार में कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति (एससी) में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी माटी कला बोर्ड के गठन की मांग की।