अहमदाबाद में दर्जी पर महिला ने किया केस, समय पर नहीं मिला ब्लाउज

अहमदाबाद की एक महिला ने अपने पारंपरिक साड़ी के ब्लाउज के लिए दर्जी पर केस किया, क्योंकि उसे समय पर ब्लाउज नहीं मिला। महिला ने 4,395 रुपये का एडवांस दिया था, लेकिन दर्जी ने समय पर काम पूरा नहीं किया। उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए दर्जी को जुर्माना और मुआवजा देने का आदेश दिया। जानिए इस मामले की पूरी कहानी और अदालत के फैसले के बारे में।
 | 
अहमदाबाद में दर्जी पर महिला ने किया केस, समय पर नहीं मिला ब्लाउज gyanhigyan

महिला का दर्जी के खिलाफ मामला

अहमदाबाद में दर्जी पर महिला ने किया केस, समय पर नहीं मिला ब्लाउज


कपड़े सिलवाने के लिए दर्जी को देने पर अक्सर देरी होती है, यह एक आम समस्या है। लेकिन अहमदाबाद के सीजी रोड पर एक महिला ने इस बार दर्जी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। महिला ने पारंपरिक साड़ी के लिए ब्लाउज सिलवाने का ऑर्डर दिया था और इसके लिए 4,395 रुपये का एडवांस भी दिया था। उसे उम्मीद थी कि ब्लाउज 24 दिसंबर तक तैयार हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।


महिला ने दर्जी से बार-बार अनुरोध किया कि शादी से पहले ब्लाउज तैयार कर दे, लेकिन समय बीतने के बाद भी उसे कुछ नहीं मिला।


अदालत का फैसला
महिला ने दर्जी को नोटिस भेजा, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसने उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने सुनवाई के दौरान कहा कि दर्जी की लापरवाही ने महिला को मानसिक तनाव में डाल दिया।


जुर्माना और मुआवजा
आयोग ने आदेश दिया कि दर्जी को 4,395 रुपये 7% वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने होंगे। इसके अलावा, मानसिक कष्ट और वाद व्यय के लिए 7,000 रुपये का अतिरिक्त मुआवजा भी देना होगा। यह राशि 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी।