असम सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा में शामिल होकर कांग्रेस को दिया झटका

असम के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा में शामिल होकर कांग्रेस को एक बड़ा झटका दिया है। उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे घुटन और अपमान का अनुभव बताया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने को पार्टी के लिए लाभदायक बताया। इस कदम से असम की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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असम सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा में शामिल होकर कांग्रेस को दिया झटका

प्रद्युत बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होना

असम के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने बुधवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया की उपस्थिति में भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को छोड़ते हुए यह कदम उठाया, जो विधानसभा चुनाव से केवल 20 दिन पहले हुआ। बोरदोलोई ने कहा कि उनके पार्टी छोड़ने का कोई एक विशेष कारण नहीं है, बल्कि उन्हें पार्टी में घुटन और अपमान का अनुभव हो रहा था।


कांग्रेस में बोरदोलोई का अनुभव

बोरदोलोई ने बताया कि 13 मार्च को असम में केंद्रीय चुनाव आयोग की बैठक में इमरान मसूद जैसे सांप्रदायिक नेताओं ने उनके खिलाफ बयान दिए। उन्होंने कहा कि मसूद ने उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए आपराधिक सांठगांठ के सबूतों को झूठा करार दिया। इस पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी ने उन्हें बहुत आहत किया।


मुख्यमंत्री सरमा का बयान

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होना पार्टी को मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि बोरदोलोई का कांग्रेस से रिश्ता 1975 से है और अब भाजपा में शामिल होने से पार्टी को लाभ होगा। सरमा ने यह भी कहा कि वे अन्य कांग्रेस नेताओं को भी भाजपा में लाने का प्रयास करेंगे।


भाजपा में नए सदस्य

सरमा ने यह भी बताया कि नवज्योति तालुकदार और कई अन्य लोग गुवाहाटी में भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी उम्मीदवारों की सूची को आज शाम अंतिम रूप देने जा रही है।