असम सरकार ने NEET प्रश्नपत्र लीक के विरोध में मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया

असम सरकार ने NEET प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा किया जाएगा। यह कदम परीक्षा और उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। गुवाहाटी में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों में छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया था।
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असम सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय

गुवाहाटी, 28 जुलाई: असम सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, इस दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने का भी ऐलान किया गया है। यह जानकारी एक आधिकारिक अधिसूचना में साझा की गई है। छात्रों और युवाओं के नेतृत्व में हुए इन प्रदर्शनों के चलते राज्य में कुल पांच मामले दर्ज किए गए थे, जिसमें 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था।


सोमवार की रात जारी अधिसूचना में बताया गया है कि सभी गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को तुरंत रिहा किया जाएगा और प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। गृह एवं राजनीतिक विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय तिवारी द्वारा हस्ताक्षरित इस अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय ‘स्थिति के सभी पहलुओं पर विचार करने और परीक्षा तथा उच्च शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही को मजबूत करने की आवश्यकता’ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, सभी मामलों को कानून के अनुसार वापस लेने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।


गिरफ्तारी और हिरासत के संबंध में कहा गया है कि मामलों की समीक्षा कर संबंधित व्यक्तियों की रिहाई की प्रक्रिया भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि राज्य का कोई भी पुलिस अधिकारी इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा। गुवाहाटी में 23 जुलाई को नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था।


प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक तथा शिक्षा में सुधारों की मांग कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई।