असम सरकार की नई योजना 'बाबू असोनी': पुरुष छात्रों को मिलेगी वित्तीय सहायता
असम सरकार की नई वित्तीय सहायता योजना
असम सरकार ने उच्च शिक्षा में अध्ययन कर रहे पुरुष छात्रों के लिए एक नई वित्तीय सहायता योजना 'बाबू असोनी' की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि यह योजना 1 फरवरी से लागू होगी। पात्र छात्रों को हर महीने उनके बैंक खाते में सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सीएम ने कहा कि यह योजना पुरुष छात्रों से किया गया एक पुराना वादा पूरा करती है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक दबाव को कम करना और छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करना है।
सहायता राशि की जानकारी
इस योजना के अंतर्गत, यूजी पाठ्यक्रमों में नामांकित पुरुष छात्रों को हर महीने 1,000 रुपए और परास्नातक छात्रों को 2,000 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।
पात्रता मानदंड
जानकारी के अनुसार, जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपए से कम है, वे इस योजना के लिए पात्र होंगे। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों के पुत्र या जिन परिवारों की आय 4 लाख रुपए से अधिक है, वे इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
योजना की आवश्यकता
लोकसभा में 2023-24 के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 14.1% रही है। सरकार का मानना है कि शिक्षा और कौशल विकास में निवेश से रोजगार के अवसर बेहतर होंगे।
योजनाओं का विस्तार
बाबू असोनी योजना राज्य सरकार की उन पहलों का विस्तार है, जो पहले मुख्य रूप से छात्राओं पर केंद्रित थीं। 'निजुत मोइना' योजना के माध्यम से बालिकाओं को उच्च माध्यमिक से स्नातकोत्तर तक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे नामांकन में वृद्धि और बाल विवाह में कमी आई है।
असम सरकार का कहना है कि नई योजना से उच्च शिक्षा में ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और छात्रों को भविष्य में रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा।
