असम सरकार की नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम: कर्मचारियों के लिए बड़ा लाभ
असम सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की घोषणा की है, जो केंद्र सरकार की नई पेंशन व्यवस्था का हिस्सा है। इस योजना के तहत असम सरकार का योगदान 10% से बढ़ाकर 18.5% किया गया है, जिससे हजारों सरकारी कर्मचारियों को लाभ होगा। कर्मचारियों को एक वर्ष का समय दिया जाएगा कि वे पुरानी नेशनल पेंशन स्कीम में बने रहें या नई UPS को अपनाएं। UPS में योगदान-आधारित पेंशन व्यवस्था होगी, जो भविष्य में अधिक स्थायी होगी। यह कदम असम के कर्मचारियों के लिए वित्तीय स्थिरता और सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
| Apr 6, 2026, 19:17 IST
असम सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय
असम सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। हाल ही में, सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि यह योजना केंद्र सरकार द्वारा पेश की गई नई पेंशन व्यवस्था का हिस्सा है। इस नई स्कीम के तहत असम सरकार की योगदान राशि 10% से बढ़ाकर 18.5% कर दी गई है, जिससे राज्य के हजारों सरकारी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
कर्मचारियों को नई विकल्प की स्वतंत्रता
सीएम सरमा ने बताया कि मौजूदा सरकारी कर्मचारियों को एक वर्ष का समय दिया जाएगा। वे चाहें तो पुरानी नेशनल पेंशन स्कीम में बने रह सकते हैं या नई UPS योजना को अपना सकते हैं। यदि कोई कर्मचारी UPS को चुनता है, तो उसका पहले से जमा NPS फंड नई स्कीम में स्वतः ट्रांसफर हो जाएगा। सीएम ने कहा कि इस कदम से OPS और NPS के बीच चल रही बहस समाप्त हो जाएगी।
UPS में सुरक्षा का नया स्तर
UPS के तहत कर्मचारियों को अपने वेतन और महंगाई भत्ते का 10% योगदान देना होगा, जबकि सरकार 18.5% का योगदान देगी। यह योजना 01 जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों पर लागू होगी, जो UPS का विकल्प चुनते हैं। पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारियों को उनकी अंतिम बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलता था, जबकि UPS में यह योगदान-आधारित है, जिससे भविष्य में पेंशन फंड अधिक स्थायी रहेगा।
अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण
UPS को अपनाने के साथ, असम अब देश के उन प्रारंभिक राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने अपनी पेंशन नीति को राष्ट्रीय ढांचे से जोड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से राज्य सरकार पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, लेकिन यह कर्मचारियों के लिए दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। सीएम ने कहा कि यह निर्णय असम के कर्मचारियों के भविष्य को मजबूत करेगा और राज्य को नई दिशा प्रदान करेगा।
