असम विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए वरिष्ठ पर्यवेक्षक

कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनावों के लिए डी.के. शिवकुमार, भूपेश बघेल और बंधु तिर्की को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। प्रियंका गांधी को स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष बनाया गया है। गौरव गोगोई ने चुनावों को अभूतपूर्व बताते हुए सत्ताधारी दल पर मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं। जानें इस चुनावी रणनीति के पीछे की कहानी और कांग्रेस की आगामी योजनाएँ।
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असम विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए वरिष्ठ पर्यवेक्षक

कांग्रेस की नई नियुक्तियाँ

कांग्रेस पार्टी ने असम विधानसभा चुनावों के लिए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और झारखंड के पूर्व विधायक बंधु तिर्की को वरिष्ठ पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इस वर्ष की पहली छमाही में चुनाव कराने वाले पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों - असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी - के लिए पर्यवेक्षकों की टीमों की घोषणा की।


प्रियंका गांधी की भूमिका

यह घोषणा प्रियंका गांधी वाड्रा को असम चुनावों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष बनाए जाने के तुरंत बाद की गई है। शिवकुमार, बघेल और तिर्की को वाड्रा का करीबी सहयोगी माना जाता है, जो एआईसीसी के महासचिव भी हैं। असम की 126 विधानसभा सीटों पर चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है। पिछले महीने, कांग्रेस, सीपीआई (एम), रायजोर दल, असम जातीय परिषद (एजेपी), सीपीआई, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन, जातीय दल-असम (जेडा) और कार्बी आंगलोंग स्थित ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (एपीएचएलसी) ने मिलकर चुनाव लड़ने के लिए एक गठबंधन की घोषणा की।


गौरव गोगोई का बयान

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि 2026 का असम विधानसभा चुनाव अभूतपूर्व होगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह मुकाबला राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि असम की जनता और एक ऐसे व्यक्ति के बीच होगा जिसे उन्होंने "स्वयं को राजा समझने वाला" कहा। गोगोई ने कहा कि जनता को इस 'राजा' की पहचान अच्छी तरह से ज्ञात है। एक जनसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जनता के बीच फैली आक्रोश और हताशा को समझते हैं और इसलिए वे एकजुट होकर खड़े हैं।


सत्ताधारी दल पर आरोप

गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए वित्तीय प्रलोभनों, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और चुनावी कानूनों के उल्लंघन का सहारा ले रहा है। उन्होंने कहा कि असम की जनता एकजुट होकर एक मजबूत संदेश देगी कि धन, बल, अहंकार, धमकियाँ और विभाजनकारी राजनीति उनकी गरिमा को नहीं कुचल सकती। उन्होंने यह भी कहा कि असम की भूमि, विरासत, संस्कृति, शांति और सामाजिक सद्भाव की रक्षा की जाएगी।