असम विधानसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस के घोषणापत्रों की तुलना

असम विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारी में भाजपा और कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र जारी किए हैं। भाजपा ने विकास और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया है, जबकि कांग्रेस ने सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता को प्राथमिकता दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा के वादों का उल्लेख किया, जिसमें पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा शामिल है। वहीं, कांग्रेस ने महिलाओं के लिए मासिक आर्थिक सहायता और भूमि अधिकारों पर जोर दिया है। यह चुनाव न केवल असम की राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत देगा।
 | 
असम विधानसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस के घोषणापत्रों की तुलना

असम की राजनीति में चुनावी हलचल

असम विधानसभा चुनाव की तैयारी में राज्य की राजनीतिक गतिविधियाँ अपने चरम पर पहुँच गई हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस ने अपने-अपने घोषणापत्र जारी कर मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास किया है। भाजपा ने विकास, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया है, जबकि कांग्रेस ने सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता और अधिकारों के विस्तार को अपने अभियान का केंद्र बनाया है। इस प्रकार, दोनों दलों के घोषणापत्र की तुलना चुनावी दिशा को समझने में महत्वपूर्ण हो जाती है.


भाजपा का घोषणापत्र और वादे

गुवाहाटी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी करते हुए पांच लाख करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के निवेश का वादा किया। इस घोषणापत्र में कुल 31 वादे शामिल हैं, जिनमें मूल निवासियों की जमीन, विरासत और सम्मान की रक्षा को प्राथमिकता दी गई है। भाजपा ने बांग्लादेशी मियांओं द्वारा अतिक्रमित जमीन को वापस लेने, समान नागरिक संहिता लागू करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का भी उल्लेख किया है.


कांग्रेस का घोषणापत्र और प्रमुख गारंटियाँ

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में पांच प्रमुख गारंटी पेश की हैं, जो आम जनता के जीवन से जुड़ी हुई हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महिलाओं के लिए बिना शर्त मासिक आर्थिक सहायता का वादा किया है। कांग्रेस का दावा है कि हर महिला को सीधे बैंक खाते में मासिक धनराशि मिलेगी, साथ ही स्वरोजगार के लिए पचास हजार रुपये की सहायता भी दी जाएगी.


भाजपा और कांग्रेस की नीतियों में अंतर

कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वर्तमान सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता शर्तों से बंधी होती है, जबकि उनकी योजना पूरी तरह से बिना शर्त होगी। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस ने प्रत्येक परिवार को पच्चीस लाख रुपये तक का नगद रहित स्वास्थ्य बीमा देने का वादा किया है.


भूमि अधिकार और न्याय का मुद्दा

भूमि अधिकार के मुद्दे पर कांग्रेस ने एक लाख नहीं, बल्कि दस लाख भूमिपुत्रों को स्थायी जमीन का पट्टा देने का वादा किया है। इसके साथ ही, राज्य के सभी वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने एक हजार दो सौ पचास रुपये देने की योजना भी घोषणापत्र में शामिल है. कांग्रेस ने न्याय के मुद्दे को भी प्रमुखता दी है, जिसमें दिवंगत जुबीन गर्ग मामले में सौ दिनों के भीतर न्याय दिलाने का वादा किया गया है.


चुनाव की महत्वपूर्ण तिथियाँ

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान नौ अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को की जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता विकास बनाम गारंटी के इस मुकाबले में किसे प्राथमिकता देते हैं। यह चुनाव न केवल असम की राजनीति की दिशा तय करेगा, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत देगा.