असम में भाजपा का विकास दृष्टिकोण: समान नागरिक संहिता और रोजगार के अवसर

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भाजपा की विकास योजनाओं का खुलासा किया है, जिसमें समान नागरिक संहिता लागू करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य शामिल है। उन्होंने लव जिहाद और भूमि जिहाद के खिलाफ कड़े कानून लाने का भी आश्वासन दिया। इसके अलावा, अवैध अप्रवासियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की योजना है। जानें और क्या-क्या योजनाएं हैं असम सरकार की।
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असम में भाजपा का विकास दृष्टिकोण: समान नागरिक संहिता और रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का विकास का दृष्टिकोण

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आने के बाद असम को एक महत्वपूर्ण राज्य बनाएगी, जो राष्ट्र के विकास में योगदान देगा, न कि केवल एक आश्रित राज्य के रूप में रहेगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि भाजपा असम में समान नागरिक संहिता लागू करने की योजना बना रही है, जो आदिवासी और जातीय समुदायों के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगी। इसके साथ ही, सरकार लव जिहाद और भूमि जिहाद के खिलाफ कड़े कानून लाने का भी आश्वासन दिया।


समान नागरिक संहिता और अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कदम

सरमा ने कहा कि सत्ता में लौटने के बाद, हम तीन महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू करेंगे। इसके अलावा, लव जिहाद और भूमि जिहाद के खिलाफ सख्त कानून भी लाए जाएंगे। उन्होंने अवैध अप्रवासी निष्कासन अधिनियम 1950 के कार्यान्वयन की बात की, जो 24 घंटे के भीतर अवैध अप्रवासियों को निष्कासित करने का अधिकार देगा।


जिला आयुक्तों को अधिकार देने की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के जिला आयुक्तों को अवैध अप्रवासी निष्कासन अधिनियम 1950 को लागू करने का अधिकार दिया जाएगा, जिससे जिला कलेक्टर या मजिस्ट्रेट को किसी भी विदेशी को 24 घंटे के भीतर निष्कासित करने का अधिकार प्राप्त होगा। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों से अपनी भूमि की रक्षा करने का भी संकल्प लिया।


रोजगार और सामाजिक कल्याण के लिए योजनाएं

रोजगार के क्षेत्र में, सरमा ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए 2 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखती है। इसके अलावा, महिलाओं के मासिक भत्ते में वृद्धि, गरीब वर्ग को आश्रय उपलब्ध कराना और चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ाने की योजनाएं भी हैं। उन्होंने कहा कि हम 2 लाख सरकारी नौकरियों का सृजन करेंगे और महिलाओं के भत्ते को 1500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये करेंगे।