असम में बाढ़ से बढ़ी तबाही, मृतकों की संख्या 87 तक पहुंची
असम में बाढ़ का कहर जारी
(तस्वीरों सहित) गुवाहाटी, चार अगस्त: असम में बाढ़ के चलते दो और लोगों की जान जाने से इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की कुल संख्या 87 हो गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। राज्य के अधिकांश जलमग्न क्षेत्रों में पानी का स्तर कम होने के बावजूद लगभग 1.3 लाख लोग अब भी प्रभावित हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में गरज के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे असम के कई जिलों पर असर पड़ सकता है।
भविष्यवाणी और अलर्ट
मौसम कार्यालय ने बताया कि मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स, पश्चिमी जैंतिया हिल्स और अरुणाचल प्रदेश के पापुमपारे, कुरुंग कुमेय, पूर्व कामेंग, पूर्व सियांग, लोहित और चांगलांग जिलों में गरज-चमक के साथ अत्यधिक भारी बारिश (ऑरेंज और रेड अलर्ट) की संभावना है। इससे असम के पड़ोसी जिलों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। नगालैंड के अधिकांश हिस्सों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे असम के चराईदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिले प्रभावित हो सकते हैं।
बाढ़ से प्रभावित लोग
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) द्वारा सोमवार रात जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में शिवसागर जिले में दो लोगों की मौत की सूचना मिली है। इस वर्ष बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या अब 87 हो गई है। एएसडीएमए के एक अधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित असम के ऊपरी जिलों में रातभर बारिश होने की सूचना है, लेकिन जलमग्न गांवों में पानी का स्तर घट रहा है, जिससे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है।
नुकसान की जानकारी
छह जिलों में कुल मिलाकर 1,28,000 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। शिवसागर में सबसे अधिक 55,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। चराईदेव में लगभग 35,000 और जोरहाट में 20,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। एएसडीएमए बुलेटिन में यह भी बताया गया है कि विभिन्न क्षेत्रों से तटबंधों, घरों, सड़कों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। वर्तमान में नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
