असम में बाढ़ राहत के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र से मांगी सहायता
मुख्यमंत्री की राहत सहायता की मांग
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित नागरिकों के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग की है। यह मांग अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) के समक्ष रखी गई, जिसने हाल ही में ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था।
बाढ़ की स्थिति और सरकार की प्रतिक्रिया
शर्मा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "इस वर्ष की बाढ़ अभूतपूर्व है और इसने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। हमारी डबल इंजन सरकार लोगों की समस्याओं को कम करने के लिए प्रयासरत है।" उन्होंने ऊपरी असम में बाढ़ को "असामान्य" बताते हुए नुकसान के आकलन और सहायता के लिए लचीले नियमों की मांग की।
विशेष केंद्रीय सहायता पैकेज की मांग
मुख्यमंत्री ने शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के लिए एक विशेष केंद्रीय सहायता पैकेज की मांग की, जिसमें राहत, आवास, अवसंरचना और आजीविका को पुनर्स्थापित करने की योजना शामिल है।
आपदा प्रबंधन के लिए क्षेत्रीय तालमेल
असम ने पूर्वोत्तर में आपदा जोखिम को कम करने के लिए एक तंत्र स्थापित करने की भी मांग की है, जिससे असम और उसके सात पड़ोसी राज्यों में आपदा प्रबंधन के सभी चरणों में बेहतर तालमेल हो सके। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस पैकेज के लिए केंद्र से कितनी राशि की मांग की गई है।
बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या
हालांकि असम के कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कम हो गया है, लेकिन बृहस्पतिवार को स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है, और तीन लाख से अधिक लोग अभी भी इस संकट का सामना कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आईएमसीटी को जमीनी हालात का जायजा लेने और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए असम भेजा है। उन्होंने कहा, "समीक्षा के दौरान केंद्रीय दल को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, कृषि और आजीविका को हुए नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।"
केंद्र से सहायता की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए असम ने केंद्र और केंद्र-प्रायोजित योजनाओं के तहत नियमों में ढील देने की मांग की है, ताकि प्रभावित परिवारों को बिना किसी कठिनाई के सहायता मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्रीय दल जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए केंद्र को सही जानकारी देगा।
केंद्रीय मंत्री का फोन
केंद्रीय गृह मंत्री ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री शर्मा को फोन किया था। यह फोन कॉल सात दिनों में दूसरी बार की गई थी, जिसमें केंद्रीय मंत्री ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
