असम में बाढ़: कांग्रेस ने सरकार पर लगाया मानवजनित आपदा का आरोप

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जिसमें कांग्रेस ने सरकार पर मानवजनित आपदा का आरोप लगाया है। पार्टी ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है, यह कहते हुए कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण न्यायिक निर्देशों का पालन नहीं किया गया। बाढ़ से 78 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग प्रभावित हैं। जानें इस संकट के पीछे की वजह और कांग्रेस का क्या कहना है।
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असम में बाढ़ की स्थिति पर कांग्रेस का आरोप

गुवाहाटी, 29 जुलाई: कांग्रेस की असम शाखा ने बुधवार को यह आरोप लगाया कि राज्य के पूर्वी क्षेत्रों में आई विनाशकारी बाढ़ के हालात सरकार द्वारा अदालत के निर्देशों की अवहेलना का परिणाम हैं। पार्टी ने इस मुद्दे पर गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि यह बाढ़ एक ‘मानवजनित आपदा’ है। असम में बाढ़ के कारण अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है और सात जिलों में 3,00,031 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।


विपक्षी पार्टी के विधिक प्रकोष्ठ ने एक बयान में कहा कि पहले दायर की गई कई जनहित याचिकाओं और पुनर्विचार याचिका के आधार पर उच्च न्यायालय ने डिखो नदी घाटी की सुरक्षा, एक मास्टर प्लान बनाने और अवैध खनन को रोकने के लिए कार्य बल की एक बटालियन तैनात करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। डिखो नदी, ब्रह्मपुत्र की एक प्रमुख सहायक नदी है, जो नगालैंड से निकलकर शिवसागर जिले से होते हुए असम में बहती है।


बयान में यह भी कहा गया है, ‘प्रशासनिक लापरवाही के कारण इन न्यायिक निर्देशों को कभी लागू नहीं किया गया। बिना नियमों के मशीनी खनन ने नदियों की प्राकृतिक सुरक्षा व्यवस्था को नष्ट कर दिया, जिससे शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में भीषण बाढ़ आई।’