असम में ड्रग्स के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता, 8.2 करोड़ रुपये की मॉर्फीन जब्त
असम सरकार की ड्रग्स के खिलाफ मुहिम
असम सरकार के 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' अभियान को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कछार जिले में पुलिस ने एक सटीक गुप्त सूचना के आधार पर 8.2 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को जब्त किया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने इस सफल ऑपरेशन की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को 'एक्स' पर लिखा कि पुलिस टीम ने 1.357 किलोग्राम मॉर्फीन जब्त की। शर्मा ने बताया कि तस्करों ने 8.2 करोड़ रुपये मूल्य की इस मात्रा की तस्करी की थी, लेकिन कछार पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। मॉर्फीन एक प्राकृतिक मादक पदार्थ है, जो अफीम से प्राप्त होता है और इसका उपयोग दर्द के उपचार में किया जाता है।
उन्होंने कहा, 'यहां मादक पदार्थों का कारोबार नहीं चलेगा, इन्हें जब्त किया जाएगा। तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं, मादक पदार्थ जब्त किया गया है, और कारोबार हमेशा के लिए समाप्त किया जाएगा।' एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने जब्ती और गिरफ्तारियों के संबंध में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जब्ती के मुख्य बिंदु
बरामद सामग्री: 1.357 किलोग्राम मॉर्फीन।
बाजार मूल्य: लगभग 8.2 करोड़ रुपये।
कार्रवाई: तीन तस्कर गिरफ्तार, कानूनी प्रक्रिया शुरू।
मॉर्फीन क्या है?
मॉर्फीन एक प्राकृतिक मादक पदार्थ है, जिसे अफीम के पौधे से प्राप्त किया जाता है। हालांकि इसका उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में गंभीर दर्द के उपचार के लिए किया जाता है, लेकिन इसकी तस्करी और अवैध उपयोग समाज के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
