असम में उदासीन भक्तों के लिए वित्तीय सहायता योजना की शुरुआत
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उदासीन भक्तों के लिए एक नई वित्तीय सहायता योजना का उद्घाटन किया है। इस योजना के तहत, राज्य के वैष्णव भिक्षुओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल से 620 भक्तों को लाभ होगा, और उन्होंने सत्रों के सांस्कृतिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। यह योजना असम की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
| Jan 2, 2026, 12:29 IST
मुख्यमंत्री ने की योजना का उद्घाटन
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को उदासीन भक्तों के लिए एक नई वित्तीय सहायता योजना का उद्घाटन किया। इस योजना के तहत, राज्य के विभिन्न सत्रों से जुड़े वैष्णव भिक्षुओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता दी जाएगी। असमिया वैष्णव परंपरा में, सत्र धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में कार्य करते हैं, जहां भक्त प्रार्थना के लिए एकत्र होते हैं। जिन सत्रों में भक्त ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं, उन्हें उदासीन सत्र कहा जाता है।
योजना का विवरण और लाभार्थी
गुवाहाटी में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना की घोषणा पिछले वर्ष के राज्य बजट में की गई थी और अब इसे लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत उदासीन भक्तों के बैंक खातों में हर महीने 1,500 रुपये जमा किए जाएंगे। यदि कोई भक्त छूट जाता है, तो उन्हें भी योजना में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
लाभार्थियों की संख्या
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल से कुल 620 उदासीन भक्तों को लाभ मिलेगा। इनमें विभिन्न जिलों से भक्त शामिल हैं, जैसे बरपेटा से 10, धुबरी से 8, गोलपारा से 8, और माजुली से 474 भक्त। उन्होंने X पर एक पोस्ट में असम की विरासत में सत्रों के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को भी उजागर किया।
सांस्कृतिक महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के सत्र हमारी संस्कृति में जीवन का संचार करते हैं और वर्षों से हमारे मूल्यों को संजोए हुए हैं। यह आवश्यक है कि हम सत्रों की रक्षा करें और उन उदासीन भक्तों का ध्यान रखें जो अपना जीवन सत्रों को समर्पित करते हैं। उन्होंने कहा, "गुरुजोना के आशीर्वाद से, उदासीन भक्तों को भक्ति के मार्ग में सहायता प्रदान करना मेरे लिए गर्व की बात है।"
