असम में अमित शाह का जोरदार भाषण: सुरक्षा और विकास पर दिया जोर

गृह मंत्री अमित शाह ने असम के सोनितपुर जिले में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सुरक्षा, रोजगार और विकास के मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने घुसपैठियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में असम ने केवल हिंसा देखी। शाह ने आतंकवाद मुक्त असम का दावा करते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। इस भाषण में असम के महान व्यक्तित्वों का भी सम्मान किया गया।
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असम में अमित शाह का जोरदार भाषण: सुरक्षा और विकास पर दिया जोर

अमित शाह का जनसभा में संबोधन

गृह मंत्री अमित शाह ने असम के सोनितपुर जिले की ढेकियाजुली विधानसभा में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने असम की सुरक्षा, रोजगार और विकास को प्राथमिकता दी। शाह ने लोगों से आग्रह किया कि वे केवल मुख्यमंत्री या मंत्री चुनने के लिए नहीं, बल्कि असम को घुसपैठियों से पूरी तरह मुक्त करने के लिए मतदान करें।


घुसपैठ पर अमित शाह की टिप्पणी

अमित शाह ने यह स्वीकार किया कि पिछले एक दशक में नई घुसपैठ को रोकने में कुछ सफलता मिली है, लेकिन राज्य में अभी भी कई अवैध लोग मौजूद हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि भाजपा तीसरी बार सत्ता में आती है, तो अगले पांच वर्षों में हर घुसपैठिए की पहचान कर उन्हें बाहर निकाला जाएगा। शाह ने कहा कि ये घुसपैठिए असम के युवाओं के रोजगार और संसाधनों पर अवैध कब्जा कर रहे हैं।


आतंकवाद मुक्त असम का दावा

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासन में असम ने केवल बम धमाकों और हिंसा का सामना किया। इसके विपरीत, पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने असम को आतंकवाद से मुक्त किया है और लगभग 10,000 युवाओं को मुख्यधारा में शामिल होने में मदद की है। उन्होंने कहा कि आज का असम शांति और बड़े उद्योगों की ओर बढ़ रहा है।


सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख

शाह ने देश की सुरक्षा के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में पाकिस्तान से आतंकी आकर धमाके करते थे, लेकिन अब मोदी सरकार है। उन्होंने उरी के बाद 'सर्जिकल स्ट्राइक', पुलवामा के बाद 'एयर स्ट्राइक' और पहलगाम हमले के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए बताया कि आतंकियों का सफाया कैसे किया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से सवाल किया कि क्या वे घुसपैठियों के साथ हैं या उनके खिलाफ।


असम के महापुरुषों का सम्मान

अमित शाह ने गोपीनाथ बोरदोलोई और भूपेन हजारिका जैसे असम के महान व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर उन्हें नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बोरदोलोई जी ने असम को पूर्वी पाकिस्तान में मिलने से बचाया था, फिर भी कांग्रेस ने उन्हें भारत रत्न नहीं दिया। यह सम्मान उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मिला। इसी तरह 'भूपेन दा' को भी मोदी सरकार ने ही भारत रत्न से सम्मानित किया।